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बिहार में है कहां है दुनिया की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी? BPSC से UPSC तक घूमता है सवाल

Updated at : 01 Jul 2025 7:03 AM (IST)
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Bihar GK Quiz 2025

Bihar GK Quiz 2025: क्या आप जानते हैं कि बिहार में ही दुनिया की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है? यह सवाल BPSC से लेकर UPSC तक की परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है. अगर नहीं तो ऐसे ही जरूरी बिहार GK क्विज से जुड़िए और अपनी तैयारी को और बेहतर करिए.

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Bihar GK Quiz 2025 in Hindi: जब हम हायर एजुकेशन की बात करते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में काॅलेज और यूनिवर्सिटी आती है. हालांकि बहुत कम लोग होंगे दुनिया की पुरानी यूनिवर्सिटी के बारे में जानते हों. यह सवाल बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं तक घूमता है. यह विश्वविद्यालय विदेश नहीं भारत में है और इसके बारे में आपको जानकारी इसलिए होनी चाहिए क्योंकि यह भारत का सांस्कृतिक गौरव भी रहा है. आइए जानें दुनिया की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी के बारे में और उसका इतिहास.

बिहार में कहां है सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी? (Bihar GK Quiz 2025)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के राजगीर के पास स्थित नालंदा विश्वविद्यालय सिर्फ एक खंडहर नहीं, बल्कि भारत की महान शिक्षा परंपरा का प्रतीक है. पटना से लगभग 95 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान न केवल भारत बल्कि दुनिया के लिए भी गौरव का विषय है. यह दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय (Residential University) था, जहां छात्र पढ़ाई के अलावा रहते भी थे.

नालंदा की ऐतिहासिक खासियत

नालंदा विश्वविद्यालय की शुरुआत 5वीं शताब्दी ईस्वी में हुई थी. यह एक बौद्ध शिक्षा केंद्र था. यहां भारत ही नहीं बल्कि चीन, जापान, कोरिया और तिब्बत से भी छात्र पढ़ने आते थे. यह स्थान बौद्ध धर्म, दर्शन और ज्ञान के आदान-प्रदान का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन चुका था.

विशाल और सुनियोजित परिसर

नालंदा विश्वविद्यालय का परिसर करीब 14 हेक्टेयर में फैला था. यहां कक्षा कक्ष (lecture halls), ध्यान करने की कोठरियां (meditation cells), छात्रावास और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. हजारों छात्र और शिक्षक यहां साथ रहते और अध्ययन करते थे.

धर्मगंज पुस्तकालय क्या है?

नालंदा विश्वविद्यालय का पुस्तकालय “धर्मगंज” नाम से जाना जाता था. यह प्राचीन काल का सबसे बड़ा पुस्तकालय माना जाता है, जिसमें दर्शन, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, धर्म और विज्ञान से जुड़ी लाखों पांडुलिपियां (manuscripts) थीं.

आज का नालंदा: इतिहास से भविष्य तक

नालंदा की विरासत आज भी जिंदा है. UNESCO ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है और भारत सरकार इसे फिर से विकसित कर रही है. नालंदा आज भी हमें प्रेरणा देता है.

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Shubham

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