DUSU Election: छात्र संघ चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च होने पर हाईकोर्ट ने जतायी चिंता

Edited by Vinay Tiwari
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हाईकोर्ट ने छात्र संघ के दौरान उपद्रव मचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा. अदालत ने कहा कि छात्र संघ का चुनाव लोकसभा चुनाव से भी बदतर हो गया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायाधीश तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसा मालूम होता है कि छात्र संघ चुनाव में उम्मीदवार करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं.

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DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान दीवारों और सड़कों पर पोस्टर लगाने के मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की. बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने छात्र संघ के दौरान उपद्रव मचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा. अदालत ने कहा कि छात्र संघ का चुनाव लोकसभा चुनाव से भी बदतर हो गया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायाधीश तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसा मालूम होता है कि छात्र संघ चुनाव में उम्मीदवार करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं. छात्र संघ चुनाव में व्यापक पैमाने पर पैसे के प्रयोग से छात्र राजनीति के शुरुआती स्तर पर ही भ्रष्ट काम में शामिल हो रहे हैं और यह गंभीर चिंता का विषय है. पीठ ने कहा कि फिर ऐसे चुनाव का क्या मतलब है? चुनाव लोकतंत्र का पर्व है, ना कि मनी लॉन्ड्रिंग का उत्सव. पीठ ने कहा कि पोस्टर दीवार पर, सड़को पर लगाए जा रहे हैं और इस तरह से पैसे को बर्बाद नहीं होने देना चहिए. विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की बात कही

हाईकोर्ट में दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में 14 उम्मीदवारों को बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्यों नहीं उनकी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को ठीक करने में लंबा समय लग सकता है. इसके लिए दीवारों पर स्प्रे पेंट लगाना होगा और इस काम में करोड़ों रुपये का खर्च आने की संभावना है. इस पर पीठ ने कहा कि इसके लिए दो-तीन कदम उठाने हाेंगे.

सबसे पहले इस मामले में शामिल उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगे, दूसरा इस काम को अंजाम देने वालों से दुबारा पेटिंग के लिए पैसे की वसूली हो. ऐसा लगता है कि चुनाव लड़ने वाले साधारण छात्र नहीं है. इसके पीछे एक संगठित समूह है और उनके पास पैसे की कमी नहीं है. कोर्ट ने कहा कि या तो चुनाव को स्थगित किया जाए या फिर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए. गौरतलब है कि लिंगदोह कमेटी के अनुसार सिर्फ छात्र संघ चुनाव में उम्मीदवारों को सिर्फ 5 हजार खर्च करने की इजाजत है और पोस्टर हाथ के बने हुए होने चाहिए. 

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