क्या है Doom Jobbing? Gen Z में तेजी से बढ़ रहा ट्रेंड
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 23 May 2026 1:20 PM
स्टूडेंट की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)
Doom Jobbing Kya Hai: Gen Z के बीच Doom Jobbing एक बहुत ही पॉपुलर शब्द है. इसका मतलब होता है बार-बार जॉब के लिए अप्लाई करते रहना.
Doom Jobbing Kya Hai: हर जॉब सर्च बड़े मोटिवेशन से शुरू होती है. आप लैपटॉप खोलते हैं, LinkedIn या जॉब पोर्टल पर जाते हैं, नई-नई वैकेंसी देखते हैं और सोचते हैं “अब कुछ अच्छा मिलेगा.” लेकिन बार-बार ऐसा करने पर फील होता है कि आप बस अप्लाई ही करते जा रहे हैं, कुछ बदल नहीं रहा है. इसे ही कहते हैं Doom Jobbing. आसान शब्दों में कहें तो नौकरी खोजने की लत.
Doom Jobbing यानी कि लगातार जॉब के लिए अप्लाई करते रहना, हर थोड़ी देर में नई लिस्टिंग चेक करना, रिज्यूमे अपडेट करना, लेकिन अंदर से यही महसूस करना कि कुछ होने वाला नहीं है. आप जॉब खोजने में बिजी रहते हैं, लेकिन स्कोप कहीं नहीं दिखती.
Doom Jobbing आखिर दिखता कैसा है?
ये आलस नहीं है. बल्कि कई बार उल्टा होता है. हर दिन दर्जनों नौकरी के लिए अप्लाई करना. ऐसी नौकरी में फंसे रहना, जो अब आपको पसंद नहीं. हर 10 मिनट में LinkedIn refresh करना. Resume भेजते रहना लेकिन अपने पास जीरो स्ट्रैटजी रहना. धीरे-धीरे ये आदत बन जाती है. आप इसलिए नहीं अप्लाई करते हैं क्योंकि जॉब परफेक्ट है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि लगता है कुछ तो करना चाहिए.
क्या बुराई है Doom Jobbing में?
मानिसक थकान का कारण
शुरुआत में तो आप सेलेक्टेड नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं. लेकिन धीरे-धीरे ये एक प्रक्रिया बन जाती है, जहां आप उन नौकरी के लिए भी अप्लाई करने लग जाते हैं जो आपके प्रोफाइल से थोड़ा भी मेल खाता हो. इससे उन्हें ऐसा लगता है कि वे लगातार मेहनत कर रहे हैं, जबकि असल में यह मानसिक थकान और तनाव बढ़ा सकता है.
क्वालिटी की जगह क्वांटिटी पर फोकस
विशेषज्ञों का कहना है कि डूमजॉबिंग का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि उम्मीदवार क्वालिटी की जगह क्वांटिटी पर फोकस करने लगते हैं. बिना रिसर्च और कस्टमाइज्ड रिज्यूमे के किए गए आवेदन अक्सर रिजेक्शन या “नो रिस्पॉन्स” में बदल जाते हैं. इससे आत्मविश्वास भी प्रभावित हो सकता है.
स्किल्स और रुचि पर नहीं देते ध्यान
करियर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि नौकरी खोजने के दौरान एक तय स्ट्रैटजी अपनानी चाहिए. हर दिन घंटों जॉब पोर्टल स्क्रॉल करने के बजाय उम्मीदवारों को अपनी स्किल्स और रुचि के हिसाब से सीमित लेकिन सही नौकरियों के लिए आवेदन करना चाहिए. साथ ही रिज्यूमे और कवर लेटर को हर नौकरी के अनुसार अपडेट करना भी जरूरी माना जा रहा है.
क्या बदलने की जरूरत है?
इस आदत से बाहर निकलने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं, बल्कि समय का सही इस्तेमाल जरूरी है.
एक बेहतर तरीका यह हो सकता है-
- नौकरी खोजने के लिए समय की स्पष्ट सीमा तय करें
- ज्यादा संख्या में आवेदन करने के बजाय अपनी प्रोफाइल से मेल खाने वाली नौकरियां चुनें
- मौजूदा डिमांड के अनुसार अपनी स्किल्स को बेहतर बनाएं
- कम लेकिन मजबूत और अच्छी तरह तैयार किए गए आवेदन पर फोकस करें
यह भी पढ़ें- जॉब इंटरव्यू से पहले ऐसे सुधारें इंग्लिश, 15 दिन में बढ़ाएं आत्मविश्वास
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










