America में Board Exams का सिस्टम नहीं? फिर कैसे पास होते हैं बच्चे

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Do American Schools Have Board Exams

बच्चों की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

Do American Schools Have Board Exams: अमेरिका का स्कूल एजुकेशन सिस्टम भारत से काफी अलग हैं. वहां बोर्ड एग्जाम नहीं होते हैं.

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Do American Schools Have Board Exams: इस समय में CBSE बोर्ड पेपर चेकिंग को लेकर लगातार विवाद में आ रहा है. भारत में बोर्ड परीक्षा का बड़ा महत्व है. स्टूडेंट्स के लिए ये सफलता की पहली सीढ़ी मानी जाती है. ऐसे में बोर्ड के मार्क्स और रिजल्ट दोनों बहुत मायने रखते हैं. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जिस तरह से भारत में बोर्ड सिस्टम है, क्या विदेश में भी ऐसा कुछ है. बात करें अमेरिका की तो यहां बोर्ड परीक्षा जैसी कोई सिस्टम नहीं है. अब आप सोच रहे होंगे कि फिर अमेरिका के स्कूलों में बच्चों की परफॉर्मेंस को कैसे रिव्यू किया जाता होगा. आइए, जानते हैं.

अमेरिका के स्कूली बच्चे बोर्ड एग्जाम देते हैं?

अमेरिका का स्कूल एजुकेशन सिस्टम भारत से काफी अलग और विकेंद्रीकृत (Decentralized) है. वहां नेशनल लेवल पर कोई एक सेंट्रल बोर्ड एग्जाम सिस्टम (Board Exam System) नहीं होती. छात्रों का मूल्यांकन स्कूल और लोकल स्कूल डिस्ट्रिक्ट खुद तय करते हैं.

अमेरिका में कैसे होता है छात्रों का मूल्यांकन?

अमेरिका के अधिकांश स्कूलों में छात्रों का मूल्यांकन पूरे साल की परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाता है. इसमें शामिल होते हैं:

  • क्विज (Quiz)
  • क्लास टेस्ट
  • प्रोजेक्ट्स
  • असाइनमेंट
  • प्रेजेंटेशन
  • क्लासरूम एक्टिविटी

साफ शब्दों में समझें तो अमेरिका में कोई फाइनल परीक्षा जैसे कॉन्सेप्ट नहीं होता है. वहां पूरे साल के परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया जाता है.

क्या होता है अमेरिका का GPA सिस्टम?

अमेरिका में छात्रों को परसेंटेज या नंबर के बजाय ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर आंका जाता है. यहां A से लेकर E तक ग्रेड दिए जाते हैं. इन्हीं ग्रेड्स के आधार पर GPA (Grade Point Average) तैयार किया जाता है.

  • A ग्रेड: बेहतरीन प्रदर्शन
  • B ग्रेड: अच्छा प्रदर्शन
  • C ग्रेड: औसत
  • D ग्रेड: न्यूनतम पास
  • E ग्रेड: फेल

नहीं होता कोई नेशनल बोर्ड एग्जाम

अमेरिका में भारत की तरह CBSE, ICSE या राज्य बोर्ड जैसा कोई नेशनल स्कूल बोर्ड नहीं है. वहां हर राज्य और स्कूल डिस्ट्रिक्ट के पास अपना करिकुलम और मूल्यांकन प्रणाली तय करने का अधिकार होता है. अब आप सोच रहे होंगे कि जब 10वीं-12वीं तक बोर्ड परीक्षा नहीं है तो आगे की पढ़ाई यानी कि हायर एजुकेशन के लिए किस आधार पर सेलेक्शन होता होगा. यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कॉलेज-यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अलग से एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन किया जाता है. इन एग्जाम के स्कोर के आधार पर ही एडमिशन मिलता है. साथ ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमिशन के दौरान GPA को भी काफी महत्व दिया जाता है.

क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल स्किल्स पर फोकस

अमेरिकी एजुकेशन सिस्टम में रटने की बजाय क्रिएटिविटी, प्रॉब्लम सॉल्विंग और प्रैक्टिकल लर्निंग पर ज्यादा जोर दिया जाता है. इसी वजह से प्रोजेक्ट्स, रिसर्च और प्रेजेंटेशन को मूल्यांकन का अहम हिस्सा बनाया जाता है.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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