आज का CBSE पहले कहलाता था ‘राजपूताना बोर्ड’, अंग्रेजों ने की थी शुरुआत 

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 29 May 2026 5:40 PM

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लड़की की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

CBSE History: सीबीएसई का पुराना नाम बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन, राजपूताना था. इसकी शुरुआत 1929 में हुई थी.

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CBSE History: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आज देश का सबसे बड़ा स्कूल शिक्षा बोर्ड बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले CBSE का नाम कुछ और था. साथ ही इस बोर्ड की शुरुआत आजादी से पहले ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी. आइए, जानते हैं सीबीएसई के इतिहास के बारे में.

क्या था CBSE का नाम?

सीबीएसई का पुराना नाम बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन, राजपूताना था. इसकी शुरुआत 1929 में हुई थी. CBSE का इतिहास लगभग 100 साल पुराना है, जिसकी नींव ब्रिटिश शासन के दौरान रखी गई थी. यह बोर्ड मुख्य रूप से अजमेर, मेरवाड़ा, मध्य भारत और ग्वालियर के क्षेत्रों का मैनेजमेंट करता था. बाद में शिक्षा व्यवस्था के बदलाव के साथ इसका नाम भी बदला और यह नेशनल लेवल की परीक्षा बन गई.

समय के साथ हुए कई बदलाव

सीबीएसई (CBSE) का नाम 1952 में बदला गया था. CBSE ने समय के साथ अपने एग्जाम सिस्टम, डिजिटल शिक्षा और इवैल्यूएशन प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं. हाल के वर्षों में बोर्ड ने ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मार्कशीट और ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन जैसे कई नए सिस्टम भी लागू किए हैं. आज CBSE देशभर के हजारों स्कूलों को संबद्धता देता है और हर साल लाखों छात्र इसकी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं.

हाल ही में क्यों चर्चा में आई CBSE?

CBSE बोर्ड हाल ही में अपने 12वीं को रिजल्ट के लेकर चर्चा में आई. नियमों में बदलाव करते हुए CBSE ने 2026 से 12वीं की कॉपी चेकिंग को On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया. इसके तहत परीक्षकों ने फिजिकल कॉपी की बजाय आसंर कॉपी की स्कैन की गई डिजिटल कॉपी चेक की. लेकिन अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई स्टूडेंट्स शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें कम मार्क्स दिए गए हैं. कॉपियों की अदला-बदली की शिकायतें भी आई हैं.

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Shambhavi Shivani

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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