ePaper

World Nature Conservation Day 2024 : नेचर कंजर्वेशनिस्ट बन बचाएं दुनिया

Updated at : 27 Jul 2024 5:44 PM (IST)
विज्ञापन
World Nature Conservation Day 2024 : नेचर कंजर्वेशनिस्ट बन बचाएं दुनिया

आपमें अगर प्रकृति से गहरा लगाव है और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालने की इच्छा है, तो नेचर कंजर्वेशन का कार्यक्षेत्र आपके लिए काम करने की सबसे अनुकूल जगह है. जानें इस कार्यक्षेत्र के बारे में...

विज्ञापन

World Nature Conservation Day 2024 : जुलाई की 28 तारीख को दुनिया भर में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (World Nature Conservation Day) मनाया जाता है. यह दिवस हमारे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा के महत्व की याद दिलाता है. एक स्वस्थ समाज की नींव एक स्वस्थ पर्यावरण है और नेचर कंजर्वेशनिस्ट इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. जानें, कैसे नेचर कंजर्वेशन को आप करियर के तौर पर अपना कर एक बेहतर दुनिया बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं…

विषय, जिनसे बनेगा आधार

नेचर कंजर्वेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बारहवीं की पढ़ाई विज्ञान, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी शामिल हो, जैसे विषयों से होना चाहिए. इसके बाद बायोलॉजी, जूलॉजी, एनवार्यनमेंटल साइंस/ इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन कर सकते हैं और कंजर्वेशनिस्ट बनने के लिए जरूरी शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. कंजर्वेशन से संबंधित कोर्स विभिन्न स्ट्रीम, जैसे नेचुरल रिसोर्स कंजर्वेशन, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन, सॉइल एवं वाटर कंजर्वेशन, कंजर्वेशन बायोलॉजी के तौर पर उपलब्ध हैं और आमतौर पर इनमें प्रवेश के लिए साइंस, इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड के ग्रेजुएट छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है. इन स्ट्रीम की पढ़ाई के लिए छात्रों का मेधावी होने के साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए जुनूनी होना चाहिए. अधिकांश संस्थान इस विषय के प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एंट्रेंस टेस्ट एवं साक्षात्कार लेते हैं.

कर सकते हैं ये कोर्स

बायोलॉजी, इकोलॉजी, एनवायर्नमेंटल साइंस/ इंजीनियरिंग, फॉरेस्ट्री, एग्रीकल्चर में बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद आप नेचर कंजर्वेशन से संबंधित विषय में मास्टर्स एवं फिर पीएचडी कर सकते हैं. इस क्षेत्र से संबंधित कुछ अन्य कोर्स हैं- वाइल्ड लाइफ, इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन,बायोडाइवर्सिटी स्टडीज एवं मैनेजमेंट, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एक्शन, वाइल्डलाइफ बायोलॉजी, जूलॉजी में एमएससी, सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन इंजीनियरिंग में एमई, एनवायर्नमेंटल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ग्राउंड वाटर एक्सप्लोरेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, वाटर रिसोर्सेज इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में एमटेक, वाइल्डलाइफ, कंजर्वेशन बायोलॉजी, एनवायर्नमेंटल लॉ एंड पॉलिसी, इरिगेशन एंड वाटर मैनेजमेंट, सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन, एनवायर्नमेंटल साइंस में पीएचडी आदि.

काम करने का है एक बड़ा दायरा

कंजर्वेशनिस्ट के रूप में करियर में प्रवेश करनेवाले फील्ड या लैब में काम करते हैं. फील्ड में समुद्री क्षेत्र, जंगल, ग्लेशियर का क्षेत्र आदि हो सकता है. नेचर कंजर्वेशन में क्षेत्र में विभिन्न नौकरियां उपलब्ध हैं, जैसे इंस्टीट्यूट और लेबोरेटरीज में रिसर्चर, कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी में अध्यापक बन सकते हैं. इनके लिए सरकारी संस्थानों एवं गैर सरकारी संगठनों के साथ काम करने का भी विकल्प होता है. इस क्षेत्र में इकोलॉजिस्ट, कंजर्वेशनिस्ट, वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशनिस्ट, वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट, पब्लिक एजुकेटर एंड आउटरीच स्पेशलिस्ट, रिसर्च असिस्टेंट एवं टेक्नीशियन आदि के तौर पर करियर बना सकते हैं.

विज्ञापन
Preeti Singh Parihar

लेखक के बारे में

By Preeti Singh Parihar

Senior Copywriter, 15 years experience in journalism. Have a good experience in Hindi Literature, Education, Travel & Lifestyle...

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola