सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग की बढ़ रही डिमांड, जानें करियर स्कोप
स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (Freepik)
Semiconductor Engineering: सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग आज के समय में तेजी से उभरता हुआ करियर ऑप्शन है. आने वाले साल में इसकी डिमांड और बढ़ने वाली है. ऐसे में आइए जानते हैं सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग क्या है और इसमें करियर स्कोप क्या-क्या है.
Semiconductor Engineering: आज के समय में ज्यादातर स्टूडेंट्स का फोकस कंप्यूटर साइंस पर होता है. लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है, और अब एक नया फील्ड तेजी से उभर रहा है सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग. आइए जानते है कि सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग क्या है (What is Semiconductor Engineering) और इसमें क्या करियर स्कोप होते हैं.
Semiconductor Engineering क्या है?
सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में चिप्स (Chips) और माइक्रोप्रोसेसर बनाने की टेक्नीक सिखाई जाती है. मोबाइल, लैपटॉप, कार, टीवी हर जगह जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आप यूज करते हैं, उनमें छोटे-छोटे चिप लगे होते हैं. सेमीकंडक्टर इंजीनियर इन्हीं चिप्स को डिजाइन करने, बनाने और उनकी टेस्टिंग करने का काम करते हैं. बिना सेमीकंडक्टर के कोई भी स्मार्ट डिवाइस काम नहीं कर सकता है.
क्यों बन रहा है यह अगला ट्रेंड?
दुनिया में चिप्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. कोरोना के समय आई चिप की कमी ने यह साफ कर दिया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री कितनी जरूरी है. भारत सरकार भी इस सेक्टर को बढ़ावा दे रही है. India Semiconductor Mission जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया जा रहा है. इसके अलावा बड़ी कंपनियां जैसे Intel और TSMC इस सेक्टर में लगातार इंवेस्ट कर रही हैं. इससे जॉब के मौके भी तेजी से बढ़ रहे हैं.
बीटेक सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में क्या पढ़ाया जाता है?
इस कोर्स में आपको इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप डिजाइन से जुड़ी जानकारी दी जाती है. जैसे:
- VLSI Design
- Embedded Systems
- Microelectronics
- Chip Fabrication
- Circuit Design
CS या सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग: क्या है आपके लिए बेहतर?
| पहलू | Computer Science (CSE) | Semiconductor Engineering |
| मुख्य फोकस | मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर, कोडिंग और एप्लिकेशन डेवलपमेंट पर बेस्ड. | हार्डवेयर, माइक्रोचिप्स और नैनो-सर्किट डिजाइन पर बेस्ड. |
| मार्केट डिमांड | पहले से हाई है. | आने वाले समय में तेजी से बढ़ती हुई डिमांड, क्योंकि हर डिवाइस को चिप की जरूरत है. |
| कॉम्पिटिशन | छात्रों के बीच बहुत ज्यादा होड़ है. | फिलहाल कॉम्पिटिशन कम है, लेकिन जैसे-जैसे अवेयरनेस बढ़ रही है, यह बढ़ रहा है. |
| भविष्य (Future) | यह एक स्टेबल (स्थिर) करियर है, जिसमें ग्रोथ लगातार बनी रहेगी. | इसमें तेजी से ग्रोथ की संभावना है. |
जॉब और करियर के मौके
Semiconductor Engineering करने के बाद आप चिप डिजाइन इंजीनियर, VLSI इंजीनियर, हार्डवेयर इंजीनियर, रिसर्च साइंटिस्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्ट जैसे पास कई शानदार करियर ऑप्शन होते खासकर अगर आप बड़ी कंपनियों में प्लेसमेंट पा लेते हैं.
शुरुआत में सैलरी लगभग 6 से 12 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज मिल सकता है. एक्सपिरियंस बढ़ने के साथ यह सैलरी 20 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकती है. विदेशों में इस फील्ड की डिमांड और भी ज्यादा है, जहां सैलरी काफी हाई होती है.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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