BEd खत्म करने वाला कोर्स, टीचर बनने का शॉर्टकट, 4 साल में करें ITEP
Published by : Ravi Mallick Updated At : 08 Oct 2025 7:39 PM
BEd Course की छात्रा की सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)
BEd Course: अब टीचर बनने का रास्ता बदल गया है. पहले जहां ग्रेजुएशन के बाद BEd करना पड़ता था, अब 12वीं के बाद ही सीधा टीचर बनने की तैयारी शुरू की जा सकती है. सरकार ने नया कोर्स शुरू किया है जिसका नाम ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme है. ये कोर्स 4 साल का है और आने वाले समय में यही BEd की जगह लेगा.
BEd Course: भारत में शिक्षकों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय लगातार नए कदम उठा रहा है. अब पारंपरिक बीएड कोर्स (BEd Course) की जगह एक नया और आधुनिक प्रोग्राम ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme लाया जा रहा है. यह कोर्स न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि भविष्य के शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण भी देगा.
BEd Course से अलग कैसे है ITEP?
ITEP यानी Integrated Teacher Education Programme एक 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है जिसे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) के तहत शुरू किया गया है. अब तक शिक्षक बनने के लिए छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद 2 साल का BEd Course करना पड़ता था, लेकिन ITEP में 12वीं के बाद सीधे एडमिशन लेकर 4 साल में ही शिक्षक बनने की योग्यता हासिल की जा सकती है. इस कोर्स का उद्देश्य है कि छात्रों को शुरू से ही शिक्षण पद्धति और विषयगत ज्ञान में मजबूत किया जाए.
BEd कोर्स पर क्या असर पड़ेगा
ITEP के लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में पारंपरिक BEd Course को धीरे-धीरे खत्म किया जा सकता है. NEP 2020 के मुताबिक, 2030 तक सभी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ITEP में परिवर्तित कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि जो भी विद्यार्थी शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें अब BEd Course की बजाय ITEP कोर्स करना होगा. इससे शिक्षा प्रणाली में एक समानता और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिलेगा.
ITEP में एडमिशन और कोर्स स्ट्रक्चर
ITEP में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50% अंकों के साथ पास होना जरूरी है. एडमिशन प्रक्रिया NTA द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगी. यह कोर्स BA BEd, BSc BEd या BCom BEd के रूप में उपलब्ध है. इसमें छात्र को एक साथ विषयगत ज्ञान और शिक्षण प्रशिक्षण दोनों मिलते हैं. इससे भविष्य में शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान और शिक्षा-नीति निर्माण में भी अवसर बढ़ते हैं.
हाल ही में ITEP कोर्स को दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस कोर्स में एडमिशन के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ था. दिल्ली यूनिवर्सिटी में दूसरे राउंड में एडमिशन के लिए आवेदन लिए गए. इस कोर्स को डीयू में ट्रायल बेसिस पर शुरू किया गया है.
DU ITEP Course Information Bulletin
ITEP के फायदे
ITEP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कोर्स समय बचाता है. जहां पहले 5 से 6 साल लगते थे, वहीं अब केवल 4 साल में छात्र पूर्ण रूप से प्रशिक्षित शिक्षक बन सकता है. इस कोर्स में आधुनिक शिक्षण तकनीक, डिजिटल शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली और व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है. इससे शिक्षक बनने वाले विद्यार्थी 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे.
ITEP कोर्स कब से शुरू हुआ है?
ITEP कोर्स 2023 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू किया गया है. इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर के प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लागू किया जा रहा है ताकि BEd Course को धीरे-धीरे समाप्त किया जा सके.
ITEP करने के बाद कौन-कौन सी नौकरियां मिल सकती हैं?
ITEP के बाद उम्मीदवार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक, शिक्षा अधिकारी, करिकुलम डेवलपर और शिक्षा सलाहकार जैसे पदों पर काम कर सकते हैं. यह कोर्स शिक्षण क्षेत्र में दीर्घकालिक करियर के लिए उपयुक्त है.
क्या ITEP कोर्स UGC द्वारा मान्यता प्राप्त है?
हां, ITEP कोर्स को NCTE (National Council for Teacher Education) और UGC दोनों की मान्यता प्राप्त है. इसे पूरी तरह से वैध और राष्ट्रीय स्तर पर मान्य कोर्स माना जाता है.
ITEP में किन विषयों के लिए विकल्प मिलते हैं?
छात्र BA BEd, BSc BEd या BCom BEd में से किसी एक को चुन सकते हैं. इसका चयन उनकी रुचि और 12वीं में चुने गए विषयों के आधार पर किया जाता है.
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
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