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देवघर : पति व पत्नी एक ही स्कूल में कार्यरत, ले रहे हैं एचआरए, सरकारी राशि का हो रहा दुरुपयोग

Updated at : 17 Jan 2024 4:50 AM (IST)
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देवघर : पति व पत्नी एक ही स्कूल में कार्यरत, ले रहे हैं एचआरए, सरकारी राशि का हो रहा दुरुपयोग

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में विभागीय संकल्प द्वारा निर्धारित नीति में संशोधन किया गया है.

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देवघर : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना के अनुसार पति व पत्नी शिक्षक के एक जिले में पदस्थापित होने पर दोनों को एक ही स्कूल में पदस्थापित नहीं किया जाना है. यथा संभव उन्हें एक ही प्रखंड में उनके संवर्ग के अनुरूप के समीपवर्ती स्कूलों में पदस्थापित किया जा सकेगा. बावजूद सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस आर मित्रा प्लस टू स्कूल, देवघर में पीजीटी शिक्षक बिमलेश कुमार पंकज (पति) एवं सहायक शिक्षक कुंदन कुमारी (पत्नी) पिछले एक दशक से ज्यादा समय से कार्यरत हैं. यही नहीं पति और पत्नी दोनों एचआरए (आवास भत्ता) भी ले रहे हैं. यह विशुद्ध रूप से विभागीय अधिसूचना को दर किनार कर सरकारी राशि का दुरुपयोग का मामला है. प्राप्त जानकारी के अनुसार एचआरए के मामले में जिले के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के द्वारा इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक से लिखित रूप से जवाब भी मांगा गया था. प्रधानाध्यापक के द्वारा जबाव भी दिया गया. इस आधार पर पीजीटी शिक्षक का करीब एक माह तक एचआरए का भुगतान बंद कर दिया गया था. लेकिन, पुन: दबाव में एचआरए चालू कर दिया गया. अब भी एचआरए का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है. जिला निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में पति और पत्नी को हर माह 5940-5940 रुपया एचआरए के रूप में भुगतान हो रहा है. यानि पिछले एक दशक में एचआरए के नाम पर गलत तरीके से लाखों का भुगतान किया जा चुका है.

क्या है विभागीय अधिसूचना में

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) के द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में विभागीय संकल्प द्वारा निर्धारित नीति में संशोधन किया गया है. संकल्प की कंडिका संख्या (6) (घ) को निम्नवत प्रतिस्थापित किया जाता है. पति-पत्नी शिक्षक के एक जिले में पदस्थापित होने पर दोनों को एक ही विद्यालय में पदस्थापित नहीं किया जायेगा. यथासंभव उन्हें एक ही प्रखंड में उनके संवर्ग के अनुरूप के समीपवर्ती विद्यालय में पदस्थापित किया जा सकेगा.

कहते हैं प्रधानाध्यापक

देवघर के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस आर मित्रा प्लस टू स्कूल के प्रधानाध्यापक कार्तिक प्रसाद तिवारी ने कहा कि पति और पत्नी एक ही स्कूल में कार्यरत नहीं रह सकते हैं. इस संबंध में विभागीय सर्कुलेशन के बारे में जानकारी नहीं है. दोनों एचआरए ले रहे हैं. डीइओ कार्यालय द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर मैंने जानकारी भी दी थी. शिक्षक के द्वारा डीइओ को एक कोर्ट ऑर्डर की कॉपी दिखा कर उन्हें कंवींस कर दिया गया है. कोर्ट का ऑर्डर क्या है. इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है.

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