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New Education Policy 2020 Updates: उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए होगा कॉमन एंट्रेंस एग्जाम, बोर्ड परीक्षा पैटर्न में भी होगा बदलाव

Published at :29 Jul 2020 10:09 PM (IST)
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New Education Policy 2020 Updates: उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए होगा कॉमन एंट्रेंस एग्जाम, बोर्ड परीक्षा पैटर्न में भी होगा बदलाव

NEP 2020, New Education Policy 2020, MHRD, ministry of education : मानव संसाधन और विकास मंत्रालय (MHRD) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया. यह फैसला मोदी कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया है. इस बैठक के दौरान मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को भी मंजूरी दे दी है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बुधवार को कैबिनेट बैठक में नई शिक्षा नीति को मंजूरी मिल गई है. इसका मतलब है कि पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी ताकि शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सके. इस फैसले के बाद देश में अब शिक्षा क्षेत्र में सिर्फ एक रेगुलेटर होगा. यानी एक रेगुलेटिंग बॉडी के जरिए शिक्षा व्यवस्था को संचालित किया जाएगा. शाम 4 बजे से पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित ब्रीफिंग कार्यक्रम किया गया, जिसमें में मंत्रियों के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.

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संस्कृत और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं पर दिया जाएगा जोर

एनईपी और आईआईटीटी के अनुसार स्थापित किया जाएगा जो इसके अनुवाद और व्याख्या प्रयासों में सहायता के लिए प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग करेगा. नीति की एक अन्य विशेषता यह है कि संस्कृत को स्कूल में मुख्यधारा के साथ “मुख्यधारा” से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं को भी शिक्षा जगत में बढवा देने की बात कही गई है.

उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए होगा कॉमन एंट्रेंस एग्जाम

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का ऑफर दिया जाएगा. यह संस्थान के लिए अनिवार्य नहीं होगा.

कक्षा 6 के बाद से ही मिलेगी वोकेशनल ट्रेनिंग

गिफ्टेड चिल्ड्रेन एवं गर्ल चाइल्ड के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. कक्षा 6 के बाद से ही वोकेशनल को जोड़ा जाएगा.

एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज होंगे मेंन कैरिकुलम का हिस्सा

नया कौशल (जैसे कोडिंग) शुरु किया जाएगा. एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज को मेन कैरिकुलम में शामिल किया जाएगा.

फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर शुरू किया जाएगा नेशनल मिशन

अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा. इसे 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा. बुनियादी शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा.

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: पहले चलाई गयी थी परामर्श प्रक्रिया

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर पहले परामर्श प्रक्रिया चलाई गयी थी, जो कि 26 जनवरी 2019 से 31 अक्टूबर 2019 तक चली थी.

उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50% सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य

भारत सरकार के अनुसार कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020; को मंजूरी दी. उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50% सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य और एक से ज्यादा प्रवेश/एग्ज़िट का प्रावधान शामिल है.

U.S. की NSF (नेशनल साइंस फाउंडेशन) की तर्ज पर NRF (नेशनल रिसर्च फाउंडेशन) का होगा गठन

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अमित खरे ने बताया कि U.S. की NSF (नेशनल साइंस फाउंडेशन) की तर्ज पर हम NRF (नेशनल रिसर्च फाउंडेशन) ला रहे हैं. इसमें न केवल साइंस बल्कि सोशल साइंस भी शामिल होगा. ये बड़े प्रोजेक्ट्स की फाइनेंसिंग करेगा.

बदल जाएगा मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम

केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया जाएगा.

ई-पाठ्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में किए जाएंगे विकसित

ई-पाठ्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित किए जाएंगे। वर्चुअल लैब विकसित की जा रही है और एक राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम (NETF) बनाया जा रहा है.

अब बिना M.Phil किए सीधा PhD में पा सकते हैं प्रवेश

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अमित खरे ने कहा है कि मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी.

2035 तक 50% सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य

कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी. उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50% सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य और एक से ज्यादा प्रवेश/एग्जिट का प्रावधान शामिल है.

34 सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था : केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में 21वीं सदी की नयी शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई. यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 34सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था. मुझे उम्मीद है कि देशवासी इसका स्वागत करेंगे.

नई शिक्षा नीति के तहत मानदंड सभी के लिए समान होंगे

आज तक, हमारे पास अलग-अलग स्टैंडअलोन संस्थानों के लिए डीम्ड विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग मानदंड हैं. नई शिक्षा नीति कहती है कि गुणवत्ता के कारणों के लिए, मानदंड सभी के लिए समान होंगे और स्वामित्व के अनुसार नहीं.

वोकेशनल ट्रेनिंग को कक्षा 6 से शुरू किया जाएगा.

कक्षा 6 से वोकेशनल ट्रेनिंग करवाई जाएगी. इसके लिए इंटर्नशीप करवाई जाएगी.

म्यूजिक, आर्ट्स, वोकेशन एजुकेशन को मिलेगा बढ़़ावा

नई शिक्षा नीति के तहत म्यूजिक, आर्ट्स और वोकेशन एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा. इन्हें पाठ्यक्रम में लागू करवाया जाएगा.

3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्ले बेसड स्कूलिंग की दी जाएगी सुविधा

3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्ले बेसड स्कूलिंग के लिए प्रत्साहित किया जाएगा. सभी को आधारभूत साक्षरता की सुविधा दी जाएगी.

NEP 2020: मल्टिपल इंट्री और एक्जिट की होगी सुविधा

इंजीनियरिंग और अन्य शैक्षणिक कोर्स के लिए मल्टीपल इंट्री एवं एक्जिट की सुविधा देने की बात कही गई है. एक वर्ष, दो वर्ष. तीन वर्ष तक शिक्षा लेने वालों को भी डिग्री देने की बात कही गई है.

NEP 2020: सूचना प्रसारण मंत्रालय का प्रेस कांफ्रेंस शुरू, दी जा रही है महत्वपूर्ण जानकारी

सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नई शिक्षा नीति को लेकर कई जानकारियां दी जा रही है.

कोरोना के कारण सितंबर-अक्टूबर में शुरू हो सकता है नया शैक्षिक सत्र

नया शैक्षिक सत्र सितंबर-अक्टूबर में शुरू हो सकता है. कोरोनोवायरस संक्रमण(कोविड -19) के प्रकोप के कारण है विद्यालय और कॉलेज बंद हैं, इसलिए सरकार का लक्ष्य नए सत्र में प्रवेश करने से पहले नई शिक्षा नीति लागू करना है.

वोकेशन एजुकेशन के एकीकरण के लिए राष्ट्रीय समिति लोक विद्या का होगा गठन

लोक विद्या, अर्थात्, भारत में विकसित महत्वपूर्ण व्यावसायिक ज्ञान, छात्रों के लिए सुलभ बनाया जाएगा. शिक्षा मंत्रालय, व्यावसायिक शिक्षा के एकीकरण के लिए एक राष्ट्रीय समिति (NCIVE) का गठन करेगा.

NEP 2020: नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना की जाएगी

एनईपी 2020 के तहत एक राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) स्थापित किया जाएगा. एनआरएफ का अतिव्यापी लक्ष्य विश्वविद्यालयों के माध्यम से शोध की संस्कृति को सक्षम बनाना होगा. NRF स्वतंत्र रूप से सरकार द्वारा, एक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा शासित होगा जिसमें बहुत ही बेहतरीन शोधकर्ता और क्षेत्रों में नवप्रवर्तक शामिल हैं.

फीस चार्ज करने में आएगी पारदर्शिता

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा बुधवार को मंजूर की गई नई शिक्षा नीति (एनईपी) यह बताती है कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को पारदर्शी रूप से अपने द्वारा ली जाने वाली फीस का खुलासा करना होगा और शिक्षा क्षेत्र में किसी भी मुनाफे को भी दर्शाना होगा.

इससे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि इससे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी और 1992 में संशोधित की गई थी. पिछली नीति तैयार होने में तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है. बदलावों को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति की आवश्यकता है.

क्षेत्रीय भाषाओं पर होगा जोर

क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर- क्लासिकल लैंग्वेज पर सरकार जोर दे सकती है. स्कूलों में संस्कृत के अलावा उड़िया, तेलुगू, तमिल, पाली और मलयालम भाषाओं को शामिल किया जा सकता है. यह प्रावधान क्लास 6 से 8 तक किया जा सकता है. इसके अलावा देश में वैश्विक विश्वविद्यालयों के कैंपस खोले जाने की इजाजत दी जा सकती है.

अब होगा सिंगल रेगुलेटर

मानव संसाधन विकास मंत्रालय यूजीसी और एआईसीटीई को एक साथ मिलाने की तैयारी कर रहा है. इससे एक रेगुलेटरी बॉडी बनाई जाएगी और मौजूदा रेगुलेटरी बॉडी को नए रोल में लगाया जाएगा. पूरे उच्च शिक्षा के लिए नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया जाएगा.

युवाओं के लिए क्या होगा खास

नई नीति बदलते विश्व परिवेश और इसके साथ छात्रों को अपडेट रखने की आवश्यकता पर भी ध्यान देती है. युवा उन तकनीकों का उपयोग करेंगे जो अब तक आविष्कार नहीं की गई हैं और वर्तमान में मौजूद नौकरियों में प्रवेश नहीं करती हैं.

नई शिक्षा नीति का फोकस रहेगा इन पहलुओं पर

शिक्षा क्षेत्र के सुधारों की पीएम मोदी की ओर से समीक्षा के बाद सरकार ने कहा था कि सरकार का उद्देश्य सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा में सुधार लाना है. एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम लाया जाएगा जिसका फोकस कई भाषाओं, 21वीं सदी की कुशलता, खेल और कला आदि के समावेश पर होगा.

3-18 आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कराना है लक्ष्य

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने पहले कहा था कि नई शिक्षा नीति शिक्षा क्षेत्र में कई मुद्दों का समाधान करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि नई नीति से युवाओं के लिए उच्च शिक्षा लेना आसान हो जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 1986 में अपनाया गया था और अंतिम बार इसे 1992 में संशोधित किया गया था. मई 2019 में, मोदी सरकार ने मसौदा एनईपी प्रस्तुत किया जो 2030 तक 3-18 आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है.

1 मई को पीएम मोदी ने कि थी इसकी समीक्षा, पूर्व इसरो चीफ की अध्यक्षता में गठित हुई थी समिति

1 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति की समीक्षा की थी. पूर्व इसरो चीफ के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति ने इसका मसौदा तैयार किया है.

नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा मंत्री अब से थोड़ी ही देर में करेंगे प्रेस कांफ्रेंस

शाम 4 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

बदल गया मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम

मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. यह फैसला मोदी कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया है. इस बैठक के दौरान मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को भी मंजूरी दे दी है.

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