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बंगाल में कोरोना पर गरमायी राजनीति, भाजपा सांसद जॉन बारला व अर्जुन सिंह को पुलिस ने क्षेत्र में जाने से रोका, राज्यपाल बोले : रियैक्शन का नहीं, एक्शन का समय

Updated at : 16 Apr 2020 1:40 PM (IST)
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बंगाल में कोरोना पर गरमायी राजनीति, भाजपा सांसद जॉन बारला व अर्जुन सिंह को पुलिस ने क्षेत्र में जाने से रोका, राज्यपाल बोले : रियैक्शन का नहीं, एक्शन का समय

politics on covid19 in west bengal bjp MPs John Barla and Arjun Singh not allowed to visit their constituencey governor says time for action not reaction कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के संक्रमण से मुकाबले और राहत सामग्री के वितरण पर भी राजनीति गरमा गयी है. इस मुद्दे पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर आमने-सामने आ गये हैं. गुरुवार (16 अप्रैल, 2020) को राहत सामग्री वितरित करने अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे अलीपुरद्वार के भाजपा सांसद जॉन बारला को पुलिस ने रोक लिया और उन्हें घर से निकलने नहीं दिया. वहीं, बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह को इलाके में घुसने नहीं दिया गया. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसकी निंदा की है. दूसरी तरफ, ममता सरकार की प्रतिक्रियाओं से आहत राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा है कि यह वक्त रियैक्शन का नहीं, ऐक्शन का है.

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अजय विद्यार्थी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के संक्रमण से मुकाबले और राहत सामग्री के वितरण पर भी राजनीति गरमा गयी है. इस मुद्दे पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर आमने-सामने आ गये हैं. गुरुवार (16 अप्रैल, 2020) को राहत सामग्री वितरित करने अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे अलीपुरद्वार के भाजपा सांसद जॉन बारला को पुलिस ने रोक लिया और उन्हें घर से निकलने नहीं दिया.

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वहीं, बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह को इलाके में घुसने नहीं दिया गया. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसकी निंदा की है. दूसरी तरफ, ममता सरकार की प्रतिक्रियाओं से आहत राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा है कि यह वक्त रियैक्शन का नहीं, ऐक्शन का है.

भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा सांसदों के साथ बंगाल पुलिस के दुर्व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने ट्वीट करके कहा, ‘पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार अब ओछी राजनीति पर उतर आयी है. अलीपुरद्वार के भाजपा सांसद जॉन बारला को पुलिस ने उनके घर पर बंधक बना लिया. बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है.’

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श्री विजयवर्गीय ने सवाल किया, ‘क्या इसलिए कि उनके काम में तृणमूल की लोकप्रियता का बंटाधार न हो जाये. जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा दुर्व्यवहार छी:.’ उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के मंत्री, सांसद और विधायक जनता से मिल सकते हैं और घूम सकते हैं, तो भाजपा के सांसद क्यों नहीं मिल सकते?

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उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता एक तरफ कोरोना और दूसरी तरफ भूख से बेहाल है, लेकिन ममता बनर्जी को केवल राजनीति की चिंता है. बंगाल में बीमार लोगों का इलाज नहीं हो रहा है. गरीबों को आनाज नहीं मिल रहे हैं. वहीं, बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि वह बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के आमडांगा इलाके में लॉकडाउन के दौरान लोगों का हालचाल जानने के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि इलाके में कहीं लॉकडाउन का पालन नहीं किया जा रहा है. बाजार-हाट खुले हुए हैं. गाड़ियां बिना रोकटोक के चल रही हैं, जबकि वह अपने संसदीय क्षेत्र में राहत सामग्री का वितरण करने के लिए जा रहे थे. पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंदी राजनीति कर रही है. एक जनप्रतिनिधि को उसके संसदीय क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा है, ताकि सरकार की नाकामियां उजागर न हों.

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उधर, राज्यपाल जगदीप धनखड़ कोविड19 के मुद्दे पर लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सवाल खड़े कर रहे हैं. गुरुवार को भी उन्होंने ट्वीट करके ममता बनर्जी की आलोचना की. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि महामारी के संकट के बीच यह समय एक्शन का है, न कि रियैक्शन का.

राज्यपाल ने लिखा है, ‘ममता बनर्जी, यह समय कोविड का फैलाव रोकने के लिए एक्शन लेने का है, न कि प्रतिक्रिया देने का. ऐसे समय में रचनात्मक कदम उठाया जाना चाहिए. जो लोग लॉकडाउन के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं, अथवा जो अधिकारी इसका पालन कराने में सफल नहीं हैं, उनसे सख्ती से निबटने की जरूरत है. लॉकडाउन-2 के दिशा-निर्देशों ने पॉजिटिव प्रतिक्रियाएं दी है. आपको भी अपना 100 फीसदी योगदान देना पड़ेगा.’

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उल्लेखनीय है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पश्चिम बंगाल सरकार पर कोविड-19 के समय कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद ममता बनर्जी की सरकार लॉकडाउन के प्रावधानों का पालन कराने में विफल रही है. इसके साथ ही राज्य के हालात से राज्यपाल को अवगत नहीं कराने का आरोप भी उन्होंने लगाया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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