ममता बनर्जी ने मंत्रियों को किया अलर्ट, भाजपा नवंबर-दिसंबर में राज्य में फैला सकती है अशांति

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीने के अंदर पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है. ठीक इससे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर कथित रूप से राज्य में अशांति फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है.
पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीने के अंदर पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है. ठीक इससे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा पर कथित रूप से राज्य में अशांति फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. ऐसी ही जानकारी राज्य सचिवालय के सूत्रों से मिली है. जानकारी के अनुसार नबान्न में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मंत्रियों को सतर्क करते हुए कहा है कि नवंबर-दिसंबर महीने में भाजपा (bjp) यहां अशांति फैला सकती है, इसलिए आप सभी को सतर्क रहना होगा. कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर इसकी जानकारी प्रशासन को देनी होगी.
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में पंचायत क्षेत्रों में विकासशील योजनाओं के साथ ही चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई. इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अशांति फैलाने की आशंका व्यक्त की. उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों को सतर्क करते हुए राज्यभर में पुलिस की नाका चेकिंग बढ़ाने पर जोर दिया. इसे लेकर राज्य पुलिस को विशेष निर्देश दिया गया है. लेकिन मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा है कि राज्य में शांति-व्यवस्था कायम बनाये रखने के लिए आपका सहयोग भी जरूरी है.
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कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के मंत्रियों को विभागीय खर्च कम करने का सुझाव दिया. मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा सहित कई योजनाओं के लिए फंड देना बंद कर दिया है. ऐसे में राज्य सरकार के राजस्व पर बोझ बढ़ा है, इसलिए विभागों को खर्च कम करना होगा. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम मंत्री मलय घटक को राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किये जाने वाले श्रम मेले का खर्च कम करने का भी सुझाव दिया. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस पैसे को मनरेगा श्रमिकों के लिए लगाया जाये.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्रियों से कहा है कि सीएमओ की अनुमति के बिना किसी भी नयी योजना की घोषणा या उद्घाटन नहीं किया जा सकता. कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि किसी भी नयी योजना को शुरू करने से पहले संबंधित विभाग को मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी मंजूरी लेनी होगी. बिना सीएम कार्यालय की अनुमति के कोई भी योजना शुरू नहीं की जा सकती है.
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