जब पार्षद खुद क्षेत्र को सैनेटाइज करने निकले तो लोगों ने अपने घर व आस-पास की सफाई पर दिया ध्यान

आज जब पूरा कोलकाता कोरोनावायरस के भय से सहमा हुआ है और सभी लॉकडाउन में हैं, ऐसे में बड़ाबाजार जैसे इलाके में वार्ड नंबर 23 के पार्षद विजय ओझा पूरी मुस्तैदी से लोगों की सेवा कर रहे हैं. बड़ाबाजार की तंग गलियों में सफाई के लिए वह निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर मुस्तैदी से तैनात हैं. वार्ड में सफाई तो हो रही थी, सबसे बड़ी समस्या सैनेटाइजेशन की थी.
कोलकाता : आज जब पूरा कोलकाता कोरोनावायरस के भय से सहमा हुआ है और सभी लॉकडाउन में हैं, ऐसे में बड़ाबाजार जैसे इलाके में वार्ड नंबर 23 के पार्षद विजय ओझा पूरी मुस्तैदी से लोगों की सेवा कर रहे हैं. बड़ाबाजार की तंग गलियों में सफाई के लिए वह निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर मुस्तैदी से तैनात हैं. वार्ड में सफाई तो हो रही थी, सबसे बड़ी समस्या सैनेटाइजेशन की थी. दवा और मशीन के अभाव में यह काम बंद न हो इसके लिए आनन-फानन में उन्होंने कीटनाशक के छिड़काव की मशीन खरीद ली और दवा खरीदकर खुद सड़कों पर निकल पड़े सैनेटाइज करने.
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निगम की मशीन से सड़कों पर सैनेटाइजेशन का काम हो रहा था तो पार्षद विजय ओझा खुद व उनके सहयोगी कार्यकर्ता लोगों के घरों व मकानों में पहुंचकर सैनेटाइज कर रहे थे. विजय ने बताया कि यह वार्ड उनका घर है और यहां रहने वाले सभी लोग उनके परिवार के सदस्य हैं. ऐसे में किसी को कोई दिक्कत होती है तो उसकी नैतिक जिम्मेवारी मेरी है. लिहाजा भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता होने के नाते वह अपनी जिम्मेवारी से मुंह नहीं मोड़ सकते.
उन्होंने बताया कि साफ-सफाई पर ध्यान देने के साथ उनकी टीम दिन में तीन वक्त इलाके की सफाई कर रही है. साथ ही पारीख भवन को केंद्र बनाकर उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था भी शुरू कर दी है. इसके तहत उनके वार्ड में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर व बुर्जुग लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया है. जिनके पास खा नहीं है उन्हें उनके कार्यकर्ता कूपन दे रहे हैं, जसे दिखाकर लोग सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन प्राप्त कर सकते हैं.
इसके अलावा जिन लोगों का परिवार है और वह लोग लॉकडाउन में निकल नहीं पा रहे हैं. वैसे लोगों की एक अन्य तालिका पार्टी के स्वयंसेवकों की दूसरी टीम ने बनायी है. जो लोगों के घरों में हफ्ते भर का राशन व जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं. विजय ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि विश्व स्वास्थ संगठन, केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं हो. जिस दिन से लॉकडाउन हुआ है उसी दिन से विजय ओझा और उनकी टीम युद्ध स्तर पर लोगों की सहायता कर रहे हैं. अब दूसरे वार्ड के पार्षद भी उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर उनका अनुसरण कर रहे हैं.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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