गणतंत्र दिवस परेड में नहीं दिखेगी पश्चिम बंगाल की झांकी, केन्द्र से प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी

नयी दिल्ली : वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी नहीं दिखेगी. झांकी का चयन करने वाली कमेटी ने पश्चिम बंगाल की प्रस्तावित झांकी को रिजेक्ट कर दिया है. इससे पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच तनातनी बढ़ सकती है. नागरिकता कानून और एनआरसी पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार […]
नयी दिल्ली : वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी नहीं दिखेगी. झांकी का चयन करने वाली कमेटी ने पश्चिम बंगाल की प्रस्तावित झांकी को रिजेक्ट कर दिया है. इससे पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच तनातनी बढ़ सकती है. नागरिकता कानून और एनआरसी पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार पहले से ही आमने-सामने हैं.
पश्चिम बंगाल सरकार के सूत्रों ने बताया कि उनकी ओर से राज्य में विकास कार्यों, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण की थीम पर कई प्रस्ताव दिये गये थे. वर्ष 2019 में पश्चिम बंगाल की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल की गयी थी. इस बार ‘कन्याश्री’ की थीम भेजी गयी थी, लेकिन एक्सपर्ट कमेटी ने उसे नामंजूर कर दिया है. एक्सपर्ट कमेटी ने इस साल 16 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और 6 मंत्रालयों की झांकी को मंजूरी दी है.
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एनआरसी और सीएए के खिलाफ लगातार मुहिम चला रही है. प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि वो किसी भी सूरत में एनआरसी और नागरिकता कानून को अपने राज्य में लागू नहीं करने देंगी.
ममता ने 23 दिसंबर, 2019 को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को पत्र लिखकर एनआरसी और सीएए पर समर्थन देने की अपील की थी. ममता के पत्र के जवाब में शरद पवार ने 27 दिसंबर, 2019 को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी को दोनों ही मुद्दों पर समर्थन देने की बात कही.
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