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अब घर का बजट नहीं बिगड़ेगा! पति-पत्नी साथ मिलकर घटाएंगे टैक्स का बोझ, सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा

25 Jan, 2026 11:45 am
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Joint Taxation For Married Couple Budget 2026

बजट 2026 में शादीशुदा लोगों को मिल सकता है बड़ा तोहफा

Budget 2026: बजट 2026 में शादीशुदा लोगों की किस्मत चमकने वाली है. सरकार पति-पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्स रिटर्न का नया ऑप्शन ला सकती है. इस ऐतिहासिक फैसले से मिडिल क्लास परिवारों की सेविंग्स बढ़ेगी और टैक्स का बोझ कम होगा. सरकार अब परिवार को एक यूनिट मानकर भारी छूट दे सकती है.

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Budget 2026: 1 फरवरी 2026 आने वाले बजट में सरकार मिडिल क्लास और टैक्स भरने वालों के लिए कुछ बहुत अच्छे फैसले ले सकती है. इस बार का बजट खास तौर पर उन लोगों के लिए खास हो सकता है जो शादीशुदा हैं. शादीशुदा जोड़ों को अलग-अलग रिटर्न के बजाय एक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिल सकती है जिसमें टैक्स स्लैब और छूट संयुक्त रूप से लागू हों. सरकार टैक्स सिस्टम को और अधिक आसान बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठा सकती है.

बजट 2026 में किसे हो सकता ज्यादा फायदा?

अभी तक के नियम के हिसाब से पति और पत्नी को अपना-अपना टैक्स अलग से फाइल करना पड़ता है. लेकिन इस बजट में सरकार ज्वाइंट रिटर्न का नया ऑप्शन दे सकती है. इसका सबसे बड़ा बेनिफिट उन परिवारों को होगा जहां पति या पत्नी में से कोई एक ही कमाता है या दोनों की कमाई में बहुत फर्क है. ऐसे में दोनों की इनकम को जोड़कर टैक्स की कैलकुलेशन की जाएगी, जिससे टैक्स की छूट का दायरा बढ़ जाएगा और जेब में ज्यादा पैसे बचेंगे. जॉइंट टैक्सेशन लागू होने से इनकम दो हिस्सों में मानी जा सकेगी, जिससे स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दो बार मिल सकता है.

ज्वाइंट टैक्स इंप्लीमेंट होने के बाद क्या होगा फायदा

अगर बजट 2026 में ज्वाइंट टैक्स के नियम को मंजूरी मिल जाती है, तो यह इंडिया के टैक्स सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव हो सकता है. इसका सबसे सीधा असर आपकी सेविंग्स पर पड़ेगा. अभी तक पति और पत्नी को अपनी बचत का फायदा अलग-अलग लेना पड़ता था, लेकिन नए नियम के बाद पूरे परिवार को एक यूनिट मानकर टैक्स गिना जाएगा.

बाहर के देशों में सक्सेस है ये मॉडल

आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका और जर्मनी जैसे बड़े देशों में यह सिस्टम सालों से चल रहा है. वहां पूरे परिवार को एक ही यूनिट माना जाता है और उसी हिसाब से टैक्स की गिनती होती है. भारत में भी इस ग्लोबल मॉडल को लाने की बात चल रही है ताकि टैक्स का बोझ किसी एक इंसान पर न पड़े और पूरे परिवार को सही मायने में न्याय मिल सके.

एक्स्ट्रा टैक्स से मिल सकती है आजादी

ज्वाइंट टैक्स सिस्टम आने से यह 50 लाख वाली लिमिट बढ़कर 75 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा की जा सकती है. इसका सीधा मतलब यह है कि जो लोग अपर-मिडिल क्लास में आते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले बहुत कम एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा. इससे न सिर्फ आपकी बचत बढ़ेगी, बल्कि ज्यादा पैसे कमाने और उन्हें सही जगह इन्वेस्ट करने का हौसला भी मिलेगा.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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