जंग की मार और महंगाई का डर: अमेरिका में ग्राहकों का भरोसा टूटा, $4 के करीब पहुंचा पेट्रोल

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)
Us Consumer Sentiment Falls March 2026: मिडिल ईस्ट युद्ध और 50% बढ़ी तेल की कीमतों के कारण मार्च में अमेरिकी कंज्यूमर सेंटिमेंट गिरकर 53.3 पर आ गया है. पेट्रोल की कीमतें $4 प्रति गैलन के करीब पहुँचने से सरकार द्वारा दी गई टैक्स राहत बेअसर होने का डर बढ़ गया है.
Us Consumer Sentiment Falls March 2026: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल की जंग का असर अब सीधे अमेरिका के लोगों की जेब पर दिख रहा है. लोग डरे हुए हैं कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ेगी. एक नए सर्वे के मुताबिक, मार्च में अमेरिकी ग्राहकों का मार्केट पर भरोसा पिछले 3 महीने में सबसे कम हो गया है. चाहे अमीर हों या मिडिल क्लास, हर कोई अब हाथ रोककर खर्च कर रहा है.
गिरता सेंटिमेंट और बढ़ती कीमतें
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जंग की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम 50% से ज्यादा बढ़ गए हैं. इसका नतीजा यह हुआ कि अमेरिका में पेट्रोल के दाम सिर्फ एक महीने में $1 (करीब रुपये) बढ़कर अब $3.98 प्रति गैलन पर पहुंच गए हैं. पेट्रोल महंगा होने और शेयर बाजार के गिरने से लोगों का मूड खराब है. यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के इंडेक्स (जो लोगों के भरोसे को मापता है) में बड़ी गिरावट आई है, क्योंकि लोगों को लग रहा है कि उनकी कमाई अब महंगी चीजों में ही निकल जाएगी.
क्या पेट्रोल की कीमतें टैक्स छूट का फायदा खत्म कर देंगी?
अमेरिकी सरकार ने हाल ही में एक नया कानून (OBBBA) लाकर जनता को टैक्स में जो राहत दी थी. आगे बढ़ने से पहले जान ले कि The One Big Beautiful Bill Act (OBBBA) 2025 एक अमेरिकी कानून है, जिसे 4 जुलाई 2025 को लागू किया गया. यह कानून टैक्स और सरकारी खर्च से जुड़ा है और इसका मकसद 2017 के Tax Cuts and Jobs Act (TCJA) में किए गए कई टैक्स कटौती के नियमों को हमेशा के लिए जारी रखना है.
अब इस कानून पर पानी फिरता नजर आ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर पेट्रोल के दाम $5 प्रति गैलन तक पहुंच गए, तो टैक्स में मिली पूरी बचत पेट्रोल भरवाने में ही खत्म हो जाएगी. कैलिफोर्निया जैसे कुछ राज्यों में तो कीमतें $5 के पार भी निकल चुकी हैं, जिससे लोगों की खरीदारी करने की ताकत कम हो रही है.
महंगाई की उम्मीद और फेडरल रिजर्व का रुख
आम लोगों को लग रहा है कि अगले एक साल में महंगाई 3.8% की रफ्तार से बढ़ेगी. इसे देखते हुए अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों को कम नहीं किया है. बैंक का मानना है कि जब तक महंगाई काबू में नहीं आती, ब्याज दरें ऊंची ही रहेंगी.
इसका मतलब है कि लोगों के लिए कार या घर का लोन लेना अभी महंगा ही बना रहेगा. सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचा, तो गर्मियों में (जब लोग ज्यादा घूमते हैं) पेट्रोल के दाम और बढ़ सकते हैं. अभी तो लोगों को लग रहा है कि यह मुसीबत थोड़े समय के लिए है, लेकिन अगर युद्ध नहीं रुका और तेल की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो लोग बाजार से सामान खरीदना बंद कर सकते हैं, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ जाएगी.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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