Union Budget 2026: नौकरी-पेशा लोगों को झटका, बजट में टैक्स से छूट नहीं

लोकसभा में बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में नौकरी-पेशा लोगों को टैक्स में कोई नई राहत नहीं मिली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुरानी और नई कर व्यवस्था के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया. आयकर रिटर्न रिवाइज की समय-सीमा बढ़ी, लेकिन टैक्स छूट यथावत रहने से मध्यम वर्ग की उम्मीदों को झटका लगा है.
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का सालाना बजट पेश कर दिया है. इस बजट में उन्होंने आयकर रिटर्न रिवाइज करने की समय-सीमा में बढ़ोतरी करने का ऐलान तो किया है, लेकिन नौकरी-पेशा लोगों को टैक्स से राहत नहीं दी है. उन्होंने नौकरी-पेशा लोगों को टैक्स से मिलने वाली छूट में बढ़ोतरी करने का कोई घोषणा नहीं की है. पुरानी और नई कर व्यवस्था के तहत टैक्स में छूट पिछली बार की ही तरह लागू रहेगी. आइए, जानते हैं कि पुरानी और नई कर व्यवस्था में टैक्स का स्लैब क्या है, जो लागू रहेगा?
वित्त वर्ष 2025-26 का टैक्स स्लैब
पुरानी कर व्यवस्था
- 2.5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 2.5 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 12,500 रुपये + 20%
- 10 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 1,12,500 रुपये + 30%
- 50 लाख रुपये से अधिक सालाना आमदनी: सरचार्ज 10% और 37%
नई कर व्यवस्था
- 3 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 3 लाख से 7 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 7 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 20,000 रुपये + 10%
- 10 लाख से 12 लाख तक सालाना आमदनी: 50,000 रुपये + 15%
- 12 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 80,000 रुपये + 20%
- 15 लाख से अधिक की सालाना आमदनी: 1,40,000 रुपये + 30%
- 50 लाख से अधिक सालाना आमदनी: सरचार्ज 10%–25%
60 से 80 वर्ष वरिष्ठ नागरिकों के लिए
पुरानी कर व्यवस्था
- 3 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 3 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 20%
- 10 लाख से सालाना आमदनी: 30%
- 50 लाख से अधिक सरचार्ज लागू
नई टैक्स व्यवस्था
- 3 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 3 लाख से 7 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 7 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 10%
- 10 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 15%-20%
- 15 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 30%
- 50 लाख से अधिक की आमदनी: सरचार्ज लागू
80 साल से अधिक के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए
पुरानी टैक्स व्यवस्था
- 5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 5 से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 20%
- 10 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 30%
- 50 लाख से अधिक की सालाना आमदनी: सरचार्ज लागू
नई कर व्यवस्था के तहत सभी आयुवर्ग के लिए
- 3 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 3 लाख से 7 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 7 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 10%-20%
- 15 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 30%
- 50 लाख से अधिक सालाना आमदनी: सरचार्ज लागू
नोट: आयकर की धारा 87ए के तहत पात्र करदाताओं को टैक्स में छूट और हेल्थ और एजुकेशन सेस 4% अतिरिक्त लागू.
वित्त वर्ष 2024-25 का टैक्स स्लैब
पुरानी कर व्यवस्था
- 2.5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 2.5 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 12,500 रुपये + 20%
- 10 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 1,12,500 रुपये + 30%
नई कर व्यवस्था
- 2.5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 2.5 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 7.5 लाख तक सालाना आमदनी: 12,500 + 10%
- 7.5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 37,500 रुपये + 15%
- 10 लाख से 12.5 लाख तक सालाना आमदनी: 75,000 + 20%
- 12.5 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 1,25,000 + 25%
- 15 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 1,87,500 + 30%
60 वर्ष से 80 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए
पुरानी कर व्यवस्था
- 3 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 3 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 20%
- 10,00,000 से अधिक सालाना आमदनी: 30%
नई कर व्यवस्था
- 2.5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 2.5 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 7.5 लाख तक सालाना आमदनी: 12,500 रुपये + 10%
- 7.5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 37,500 रुपये + 15%
- 10 लाख से 12.5 लाख तक सालाना आमदनी: 75,000 रुपये + 20%
- 12.5 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 1,25,000 रुपये + 25%
- 15 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 1,87,500 रुपये + 30%
80 वर्ष या उससे अधिक अति वरिष्ठ व्यक्ति
पुरानी कर व्यवस्था
- 5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 20%
- 10 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 30%
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नई के व्यवस्था के सभी आयुवर्ग के लिए
- 2.5 लाख तक सालाना आमदनी: शून्य
- 2.5 लाख से 5 लाख तक सालाना आमदनी: 5%
- 5 लाख से 7.5 लाख तक सालाना आमदनी: 12,500 रुपये + 10%
- 7.5 लाख से 10 लाख तक सालाना आमदनी: 37,500 रुपये + 15%
- 10 लाख से 12.5 लाख तक सालाना आमदनी: 75,000 रुपये + 20%
- 12.50 लाख से 15 लाख तक सालाना आमदनी: 1,25,000 रुपये + 25%
- 15 लाख से अधिक सालाना आमदनी: 1,87,500 रुपये + 30%
नोट: धारा 87ए के तहत पात्र करदाताओं को टैक्स में छूट, सरचार्ज एवं 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस अतिरिक्त लागू, नई कर व्यवस्था में अधिकांश छूट और कटौतियां उपलब्ध नहीं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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