Union Budget 2026: बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, रिटर्न रिवाइज करने की डेडलाइन बढ़ी

Updated at : 01 Feb 2026 12:39 PM (IST)
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Union Budget 2026

संसद में बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में डायरेक्ट टैक्स पर बड़ी राहत दी गई है. रिटर्न रिवाइज करने की समय-सीमा 31 मार्च तक बढ़ी, आईटीआर फाइलिंग की अलग टाइमलाइन तय हुई और टीसीएस दरों में कटौती की गई. छोटे करदाताओं, छात्रों, एनआरआई और सहकारी समितियों को कई कर छूट व सुविधाएं मिलने का प्रस्ताव किया गया है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) रिवाइज करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. अब करदाता मामूली फीस देकर 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक रिटर्न रिवाइज कर सकेंगे. इससे गलतियों को सुधारने और अनावश्यक पेनल्टी से बचने में मदद मिलेगी.

आईटीआर फाइलिंग की अलग-अलग टाइमलाइन

वित्त मंत्री ने आईटीआर फाइलिंग की समय-सीमा को भी अलग-अलग करने का प्रस्ताव रखा है. आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फाइल करने वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे. नॉन-ऑडिट बिजनेस केस और ट्रस्ट को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा. सरकार का उद्देश्य रिटर्न प्रोसेसिंग को सुचारु और टैक्सपेयर्स के लिए सुविधाजनक बनाना है.

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ऑटोमेटेड स्कीम

छोटे करदाताओं के लिए सरकार एक नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस शुरू करने जा रही है. इसके तहत असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन किए बिना कम या शून्य डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकेगा. इससे अनुपालन सरल होगा और समय की बचत होगी.

फॉर्म 15जी–15एच प्रक्रिया होगी आसान

कई कंपनियों में सिक्योरिटीज रखने वाले टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए डिपॉजिटरी को फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच स्वीकार करने और इसे सीधे संबंधित कंपनियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है. इससे टैक्स कटौती से जुड़ी प्रक्रिया और आसान होगी.

अपील अवधि में ब्याज से राहत

बजट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के दौरान जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं देना होगा, चाहे फैसला करदाता के पक्ष में आए या नहीं. इससे विवादित मामलों में करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी.

टीसीएस दरों में कटौती

डायरेक्ट टैक्स मोर्चे पर सरकार ने ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज पर टीसीएस को मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को भी 5% से घटाकर 2% किया जाएगा.

एनआरआई, छात्रों और सहकारी समितियों को लाभ

वित्त मंत्री ने छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और स्थानांतरित एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिले मुआवजे को आयकर से छूट दी जाएगी. अधिसूचित सहकारी समितियों के निवेश से प्राप्त लाभांश पर तीन साल की टैक्स छूट और कपास बीज व पशु आहार आपूर्ति करने वाले सहकारी सदस्यों के लिए छूट अवधि बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है.

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डेटा सेंटर और अनिवासी करदाताओं को राहत

बजट में भारत में डेटा केंद्रों के जरिए वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है. वहीं, अनुमान के आधार पर कर चुकाने वाले अनिवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) से छूट दी जाएगी. बजट 2026-27 के ये प्रावधान डायरेक्ट टैक्स सिस्टम को सरल, करदाता-अनुकूल और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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