पाकिस्तान में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें नई कीमतें, भारत से तुलना और बढ़ोतरी की वजह

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा किया गया है. जानिए नई दरें 11 जुलाई से लागू हो गई हैं. जानिए भारत से तुलना और इन बढ़ोतरी के पीछे की वजहें.
Pakistan Petrol Price Hike : पाकिस्तान में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 13.18 पाकिस्तानी रुपये और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में 13.80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है. नई दरें 11 जुलाई से लागू हो गई हैं. बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत, टैक्स और IMF की शर्तों के चलते पाकिस्तान में ईंधन लगातार महंगा हो रहा है. हालांकि मौजूदा कीमतें अभी भी इस साल के रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं.
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें
नई अधिसूचना के अनुसार.
| ईंधन | नई कीमत |
| पेट्रोल | 310.71 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर |
| हाई-स्पीड डीजल | 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर |
11 जुलाई से ये नई कीमतें पूरे देश में लागू हो गई हैं.
भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना
मौजूदा विनिमय दर (1 भारतीय रुपया = लगभग 2.91 पाकिस्तानी रुपये) के आधार पर तुलना इस प्रकार है.
| ईंधन | भारत | पाकिस्तान |
| पेट्रोल | ₹102.12 प्रति लीटर | 310.71 PKR (लगभग ₹106.59) |
| डीजल | ₹95.20 प्रति लीटर | 323.30 PKR (लगभग ₹110.91) |
तुलना से स्पष्ट है कि भारतीय रुपये में भी पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत से अधिक हैं.
फरवरी के बाद क्यों लगातार बढ़ीं कीमतें?
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में तेजी का सिलसिला फरवरी के अंत से शुरू हुआ.
मुख्य कारण.
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी.
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव.
- आयात लागत में बढ़ोतरी.
- घरेलू टैक्स और लेवी में इजाफा.
हालिया बढ़ोतरी के बावजूद कीमतें अभी भी अप्रैल में बने रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं.
इस साल कितना महंगा हुआ था पेट्रोल और डीजल?
इस वर्ष अप्रैल में पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं.
| ईंधन | रिकॉर्ड उच्च स्तर |
| पेट्रोल | 458.41 PKR प्रति लीटर |
| डीजल | 520.35 PKR प्रति लीटर |
मौजूदा कीमतें इन रिकॉर्ड स्तरों से कम हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं पर बोझ अभी भी बना हुआ है.
IMF की शर्तों का क्या असर पड़ा?
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ हुए आर्थिक समझौते भी माने जा रहे हैं.
सरकार ने.
- Climate Support Levy बढ़ाकर 5 PKR प्रति लीटर कर दी.
- पेट्रोलियम लेवी में सीमित बदलाव किया.
- ईंधन पर टैक्स का बोझ बनाए रखा.
सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और IMF के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की शर्तों का पालन करना है.
पाकिस्तान में एक लीटर ईंधन पर कितना टैक्स लगता है?
सरकार ईंधन पर कई तरह के टैक्स और शुल्क वसूलती है.
हाई-स्पीड डीजल पर
- कुल टैक्स लगभग 101 PKR प्रति लीटर.
- पेट्रोलियम लेवी.
- Climate Support Levy.
- कस्टम ड्यूटी.
- Inland Freight Equalisation Margin.
पेट्रोल पर
- कुल टैक्स लगभग 95 PKR प्रति लीटर.
- पेट्रोलियम लेवी.
- Climate Support Levy.
- कस्टम ड्यूटी.
यानी उपभोक्ता द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत का बड़ा हिस्सा टैक्स और लेवी के रूप में सरकार के पास जाता है.
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहता.
इससे.
- सार्वजनिक परिवहन महंगा हो सकता है.
- माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है.
- खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है.
- महंगाई दर में वृद्धि हो सकती है.
- उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है.
यानी पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
आगे कीमतों का क्या अनुमान है?
आने वाले समय में कीमतें इन बातों पर निर्भर करेंगी.
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम.
- डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की स्थिति.
- IMF के साथ आगे की आर्थिक नीतियां.
- सरकार की टैक्स नीति.
- वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम.
यदि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा रहता है, तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है.
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By Abhishek Pandey
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