22.1 C
Ranchi
Monday, March 4, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags:

नई कर प्रणाली से मिडिल क्लास को फायदा, संतुलित विकास पर जोर : निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई कर प्रणाली से अधिकतर मध्यम वर्गीय करदाताओं को लाभ होगा और छूट की सीमा बिना शर्त वाली होने के कारण उनके हाथों में खर्च के लिए अधिक पैसा रहेगा. उन्होंने कहा कि इस बजट में विकास अनिवार्यताओं को राजकोषीय आयामों के दायरे में संतुलित करने का पूरा प्रयास किया गया.

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में लोकसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आम बजट को मध्यम वर्ग, रोजगार सृजन, लघु उद्यमों, कृषि क्षेत्र, ग्रामीण आबादी, स्वास्थ्य एवं हरित विकास पर केंद्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि महामारी एवं रूस-यूक्रेन संघर्ष से उबरते हुए भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और आगे भी रहेगा.उन्होंने कहा कि खाद्य एवं उर्वरक सब्सिडी में कटौती करने के विपक्षी दलों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.

अर्थव्यवस्था में पूंजी डालने का क्यों चुना रास्ता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इसमें पूंजी डालने का रास्ता चुना, क्योंकि इसका बहुआयामी असर है. उन्होंने कहा कि नई कर प्रणाली बेहद आकर्षक है, जिसमें इस बार के बजट में 7 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देने का प्रस्ताव किया गया. उन्होंने कहा कि इससे लोगों के हाथ में खर्च करने के लिये अधिक धन रहेगा.

नई कर प्रणाली से मिडिल क्लास को फायदा

उन्होंने कहा कि नई कर प्रणाली से अधिकतर मध्यम वर्गीय करदाताओं को लाभ होगा और छूट की सीमा बिना शर्त वाली होने के कारण उनके हाथों में खर्च के लिए अधिक पैसा रहेगा. उन्होंने कहा कि इस बजट में विकास अनिवार्यताओं को राजकोषीय आयामों के दायरे में संतुलित करने का पूरा प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि आम बजट मध्यम वर्ग, रोजगार सृजन, लघु उद्यमों, कृषि क्षेत्र, ग्रामीण आबादी, स्वास्थ्य एवं हरित विकास पर केंद्रित है.

सब्सिडी कटौती पर विपक्ष के आरोप को किया खारिज

सीतारमण ने खाद्य एवं उर्वरक सब्सिडी में कटौती करने के विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाद आयात पर अतिरिक्त खर्च पहले भी किसान पर नहीं डाला गया और इस साल भी किसानों पर नहीं डाला जा रहा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक उर्वरक सब्सिडी 65 हजार करोड़ से 80 हजार करोड़ रुपये के दायरे में रही और वर्ष 2023-24 के बजट प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 2.25 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन हमने किसानों पर उसका भार नहीं पड़ने दिया.

खाद्य सब्सिडी में वृद्धि

वित्त मंत्री ने कहा कि इसी प्रकार से खाद्य सब्सिडी में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 से 2019-20 के दौरान खाद्य सब्सिडी 1 लाख करोड़ रुपये से 1.2 लाख करोड़ रुपये थी लेकिन वर्ष 2023-24 के बजट में यह 1.97 लाख रुपये प्रस्तावित है. उन्होंने कहा कि खाद्य सब्सिडी के लिए प्रावधान सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कवर करने के लिए पर्याप्त है.

Also Read: Rajasthan Budget 2023: 500 रुपये में LPG सिलेंडर, 100 यूनिट बिजली फ्री, जानें राजस्थान बजट की खास बातें
पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर नवंबर 2021 और जून 2022 में दो बार उत्पाद शुल्क कम करके लोगों को राहत दी जबकि अंतरराष्ट्रीय दर कम नहीं हो रहीं थीं. उन्होंने कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश सहित कुछ राज्यों के नाम भी गिनाए, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) बढ़ाया.

You May Like

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

अन्य खबरें