Unemployment Rate: 2020-21 में बेरोजगारी दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर, श्रम बल सर्वे रिपोर्ट

Author Agency
Updated:
विज्ञापन
Unemployment Rate: 2020-21 में बेरोजगारी दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर, श्रम बल सर्वे रिपोर्ट

Unemployment Rate: कुल कार्यबल में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत को बेरोजगारी दर (यूआर) कहा जाता है. आंकड़ों से पता चलता है कि बेरोजगारी दर में पिछले चार वर्षों के दौरान 2020-21 (जुलाई से जून) कमी आयी है. हालांकि, इसकी रफ्तार धीमी रही है.

विज्ञापन

Unemployment Rate: श्रम बल में शामिल लोगों की बेरोजगारी दर जुलाई, 2020 से जून, 2021 के दौरान घटकर 4.2 प्रतिशत रह गयी, जो 2019-20 की इसी अवधि में 4.8 प्रतिशत थी. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

2020-21 में बेरोजगारी दर 4.2 फीसदी रही

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के एक निश्चित अवधि पर होने वाले श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, वर्ष 2018-19 में बेरोजगारी दर 5.8 प्रतिशत और 2017-18 में 6.1 प्रतिशत थी. पीएलएफएस की वार्षिक रिपोर्ट (जुलाई, 2020 से जून, 2021) में कहा गया है कि बेरोजगारी दर (यूआर) 2020-21 में 4.2 प्रतिशत रही. यह 2019-20 में 4.8 प्रतिशत थी.

Also Read: CMIE Report: बिहार की बेरोजगारी दर घटी, दिल्ली व गुजरात के आंकड़े बढ़े, जानें कहां की स्थिति चिंताजनक

क्या है बेरोजगारी दर

कुल कार्यबल में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत को बेरोजगारी दर (यूआर) कहा जाता है. आंकड़ों से पता चलता है कि बेरोजगारी दर में पिछले चार वर्षों के दौरान 2020-21 (जुलाई से जून) कमी आयी है. हालांकि, इसकी रफ्तार धीमी रही है. इसी तरह, पुरुषों में यूआर दर भी वर्ष 2020-21 के दौरान घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गयी, जो 2019-20 में 5.1 प्रतिशत, 2018-19 में छह प्रतिशत और 2017-18 में 6.2 प्रतिशत थी.

महिलाओं का यूआर दर घटा

महिलाओं के लिए यूआर दर में भी समान रुख देखा गया है. महिलाओं के लिए यूआर दर 2020-21 के दौरान कम होकर 3.5 प्रतिशत रह गयी. वर्ष 2019-20 में यह 4.2 प्रतिशत, 2018-19 में 5.2 प्रतिशत और 2017-18 में 5.7 प्रतिशत थी.

Also Read: दिल्ली के बजट को केजरीवाल ने बताया ‘बोल्ड और इनोवेटिव’,कहा- बेरोजगारी और महंगाई की समस्या का होगा समाधान

श्रमिक जनसंख्या अनुपात में सुधार

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में भी सुधार हुआ है. यह आबादी में काम करने वाले लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020-21 में डब्ल्यूपीआर बढ़कर 39.8 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो 2019-20 में 38.2 फीसदी, 2018-19 में 35.3 प्रतिशत और 2017-18 में 34.7 प्रतिशत था. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए जुलाई, 2020 से जून, 2021 की वार्षिक रिपोर्ट में पहले चरण की कुल 12,562 इकाइयों को शामिल किया गया है. इसमें 6,930 गांव और 5,632 शहरी ब्लॉक शामिल हैं.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola