ePaper

विश्व बैंक की आशंका : वित्त वर्ष 2022-23 में भी भारत की जनता को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं

Updated at : 06 Dec 2022 6:50 PM (IST)
विज्ञापन
विश्व बैंक की आशंका : वित्त वर्ष 2022-23 में भी भारत की जनता को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं

विश्व बैंक ने मंगलवार को 'नेविगेटिंग द स्टॉर्म' शीर्षक से अपनी भारत विकास रिपोर्ट जारी की है. विश्व बैंक की ओर से जारी मुद्रास्फीति का अनुमान आरबीआई की सीमा से थोड़ी अधिक है. इसके लिए मुख्य कारक काफी हद तक भोजन है.

विज्ञापन

नई दिल्ली : कोरोना महामारी के पहले से महंगाई की मार झेल रहे भारत के आम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर है और वह यह कि उन्हें चालू वित्त वर्ष 2022-23 में महंगाई से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है. विश्व बैंक की ओर से मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति के 7.1 फीसदी रहने की उम्मीद है, लेकिन उसने यह आगाह किया कि कमोडिटी की कीमतों में गिरावट मुद्रास्फीति के दबाव को कम कर सकती है. भारत की अक्टूबर की मुद्रास्फीति पिछले महीने के 7.41 फीसदी से घटकर 6.77 फीसदी हो गई, मुख्य रूप से खाद्य क्षेत्र में कीमतों में कमी के कारण यह लगातार 10वें महीने रिजर्व बैंक के आराम स्तर से ऊपर रही.

अगले वित्त वर्ष में महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद

विश्व बैंक ने मंगलवार को ‘नेविगेटिंग द स्टॉर्म’ शीर्षक से अपनी भारत विकास रिपोर्ट जारी की है. विश्व बैंक की ओर से जारी मुद्रास्फीति का अनुमान आरबीआई की सीमा से थोड़ी अधिक है. इसके लिए मुख्य कारक काफी हद तक भोजन है और हमारी उम्मीद है कि अगले साल तक मुद्रास्फीति कम हो जाएगी और आरबीआई के 2 फीसदी से 6 फीसदी के दायरे में आ जाएगी. विश्व बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और रिपोर्ट के लेखक ध्रुव शर्मा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति घटकर 5.1 फीसदी हो सकती है.

मैक्रोइकोनॉमिक पॉलिसी ने चुनौतियों के प्रबंधन में निभाई अहम भूमिका

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की राजकोषीय नीति ने मुद्रास्फीति पर उच्च वैश्विक तेल की कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क और ईंधन पर अन्य करों में कटौती करके आरबीआई की दर कार्रवाइयों का समर्थन किया. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी आगाह किया गया है कि भारत के विकास और उपलब्ध नीति स्थान पर वैश्विक स्पिलओवर के प्रतिकूल प्रभाव को सीमित करने की कोशिश के बीच एक समझौता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मैक्रोइकोनॉमिक पॉलिसी (राजकोषीय और मौद्रिक) के दोनों लीवर ने पिछले एक साल में उभरी चुनौतियों के प्रबंधन में भूमिका निभाई है.

Also Read: शीतकालीन सत्र में जोरदार हंगामे के आसार, महंगाई, बेरोजगारी के अलावा इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ा चालू खाता घाटा

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से मौद्रिक नीति को कड़ा करने के परिणामस्वरूप पहले से ही बड़े पोर्टफोलियो बहिर्वाह और भारतीय रुपये का मूल्यह्रास हुआ है, जबकि वैश्विक स्तर पर जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण चालू खाता घाटा बढ़ गया है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी तर्क दिया गया है कि अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्पिलओवर से अपेक्षाकृत अलग है. यह आंशिक रूप से इसलिए है क्योंकि भारत के पास बड़े घरेलू बाजार हैं और अपेक्षाकृत कम अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रवाह के संपर्क में है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola