गांव में लगाएं RO प्लांट, खर्च निकालने के बाद हर महीने ₹30,000 से ₹40,000 होगी कमाई
गांव में लगाएं RO प्लांट. फाइल फोटो
क्या आप गांव में रहकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं? RO वाटर प्लांट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. सीमित जगह और कम निवेश में आप हर महीने अच्छी कमाई कर सकते हैं.
RO plant in the village : अगर आप भी गांव में रहकर अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो RO वाटर प्लांट एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ग्रामीण इलाकों में साफ और पीने योग्य पानी की मांग लगातार बनी रहती है. ऐसे में सीमित जगह और योजना के साथ छोटा वाटर प्लांट शुरू करके हर महीने ₹30,000 से ₹40,000 की कमाई कर सकते हैं.
250 से 1000 लीटर प्रति घंटे की क्षमता से शुरुआत
शुरुआत में बड़ा प्लांट लगाने की जरूरत नहीं है. आप 250 से 1000 लीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला छोटा RO प्लांट लगा सकते हैं. जार और फिल्टर यूनिट समेत शुरुआती सेटअप की लागत करीब 1 लाख से 3 लाख रुपये तक हो सकती है. वास्तविक खर्च प्लांट की क्षमता, मशीनरी और स्थानीय कीमतों पर निर्भर करेगा.
शुरुआती लागत (Investment)
पानी की जांच सबसे जरूरी
प्लांट लगाने से पहले पानी के स्रोत की लैब टेस्टिंग जरूर कराएं. जांच से पानी की गुणवत्ता और उसमें मौजूद अशुद्धियों का पता चलेगा. रिपोर्ट के आधार पर सही फिल्ट्रेशन और RO सिस्टम का चुनाव किया जा सकता है.
लाइसेंस और परमिशन का रखें ध्यान
पानी बेचने का कारोबार शुरू करने से पहले लागू नियमों और जरूरी लाइसेंस की जानकारी लेना बेहद जरूरी है. FSSAI से जुड़ी आवश्यकताओं के साथ स्थानीय प्रशासन की अनुमति भी पूरी करनी पड़ सकती है.
20 लीटर जार से होगी कमाई
यदि आप गांव के घरों, दुकानों, स्कूलों और कार्यालयों में 20 लीटर पानी के जार की सप्लाई कर सकते हैं. शादी-पार्टी और दूसरे आयोजनों में भी पानी की मांग मिल सकती है. आपकी कमाई जार की बिक्री, कीमत, डिलीवरी खर्च और स्थानीय मांग पर निर्भर करेगी.
ये भी पढ़ें: पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म, डीजल-ATF पर भी टैक्स घटा; जानें अब कितना देना होगा पैसा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By सत्येन्द्र गिरि
सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.
पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.
सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









