पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म, डीजल-ATF पर भी टैक्स घटा; जानें अब कितना देना होगा पैसा

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पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी खत्म. फोटो- सोशल मीडिया

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पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर सरकार ने अहम फैसला लिया है. पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) को शून्य कर दिया गया है. यह नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं. जानिए अब कितना देना होगा पैसा.

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Export duty on petrol abolished : केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया है. वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की 14 अगस्त की अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) को शून्य कर दिया गया है. नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं.

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डीजल और ATF पर भी कटौती

सरकार ने डीजल के निर्यात पर SAED को 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट टैक्स 22 रुपये से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. ये दरें 15 से 31 अगस्त तक लागू रहेंगी.

पेट्रोल पर टैक्स क्यों हटाया गया?

सरकार पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात शुल्क की हर 15 दिन में समीक्षा करती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग मार्जिन और घरेलू जरूरतों को देखते हुए टैक्स में बदलाव किया जाता है. इस बार पेट्रोल पर शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.

दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है. वहीं, कोलकाता में पेट्रोल ₹113.51 और डीजल ₹99.82, मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर है.

विंडफॉल टैक्स की कहानी

मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को विदेशों में ऊंचे दाम मिलने लगे थे. घरेलू बाजार में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे और कंपनियों के असाधारण मुनाफे पर नियंत्रण रहे, इसके लिए सरकार ने मार्च 2026 में डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त टैक्स लगाया था. बाद में पेट्रोल को भी इसके दायरे में लाया गया.

घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई असर नहीं

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू है. घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसलिए आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा.

15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा

केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू ईंधन जरूरतों के आधार पर इन दरों की दोबारा समीक्षा करेगी. यानी आने वाले पखवाड़े में वैश्विक क्रूड और रिफाइनिंग मार्जिन के हिसाब से टैक्स में फिर बदलाव संभव है.

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