श्रीलंका में तेल संकट गहराया, पेट्रोल ₹389 और डीजल ₹382, जनता के लिए मुश्किलें और बढ़ीं

Updated:
विज्ञापन
Sri Lanka Fuel Price Hike

सरकार इन कदमों से देश में तेल की कुल खपत को 15-20% तक कम करना चाहती है (फोटो/Canva)

Sri Lanka Fuel Price Hike: तेल की भारी कमी और 25% बढ़ी कीमतों के कारण श्रीलंका में ‘4-डे वर्किंग वीक’ लागू, ताकि ईंधन की खपत घटाई जा सके.

विज्ञापन

Sri Lanka Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव ने श्रीलंका को एक बार फिर गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है. कच्चे तेल की भारी किल्लत के बीच श्रीलंकाई सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25% तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है. कल यानी 22 मार्च को हुई इस वृद्धि के बाद, रेगुलर पेट्रोल की कीमत 81 रुपए बढ़कर 398 श्रीलंकाई रुपए और डीजल 79 रुपए महंगा होकर 382 श्रीलंकाई रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है. पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब जनता पर महंगाई का बोझ डाला गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है.

4 डे वर्किंग वीक’ और वर्क-फ्रॉम-होम

हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने देश में ‘4 डे वर्किंग वीक’ (हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम) का नियम लागू कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने निजी और सरकारी दफ्तरों को निर्देश दिए हैं कि जहां तक संभव हो, कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) की अनुमति दी जाए. सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CPC) के अनुसार, इन कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य देश में ईंधन की खपत को 15 से 20% तक कम करना है, ताकि सीमित स्टॉक को लंबे समय तक चलाया जा सके और सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम की जा सके.

क्यों बढ़े दाम ?

इस संकट की सबसे बड़ी जड़ ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ा भीषण युद्ध है. युद्ध के चौथे हफ्ते में ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. चूंकि श्रीलंका अपनी ऊर्जा और बिजली की जरूरतों के लिए पूरी तरह से आयातित तेल और कोयले पर निर्भर है, इसलिए सप्लाई चेन टूटने से वहां स्टॉक खत्म होने का डर पैदा हो गया है.

फिर मंडरा रहा है 2022 जैसा संकट

सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो श्रीलंका के लिए 2022 जैसे भीषण आर्थिक संकट से उबरना नामुमकिन हो जाएगा. 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने पर श्रीलंका ने खुद को ‘सॉवरेन डिफॉल्ट’ (कर्ज चुकाने में असमर्थ) घोषित कर दिया था. हालांकि, बाद में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले 2.9 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज से स्थिति थोड़ी संभली थी, लेकिन वर्तमान वैश्विक तनाव ने श्रीलंका की आर्थिक रिकवरी की उम्मीदों पर फिर से पानी फेर दिया है.

Also Read: ईरान पर ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद बाजार धड़ाम, बैंक शेयर्स सबसे ज्यादा पिटे

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola