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अमेरिका में किस भाव बिक रहा भारत का झींगा, पढ़ें देसी-विदेशी मीडिया की रिपोर्ट

Updated at : 27 Aug 2025 7:09 PM (IST)
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Shrimp Price In America

अमेरिका निर्यात होने वाले भारतीय झींगा

Shrimp Price In America: अमेरिका ने भारतीय झींगा पर 50% टैरिफ लगाने के बाद कीमतों में भारी उछाल देखा है. पहले जो भारतीय झींगा 15 से 25 डॉलर प्रति किलोग्राम बिकता था, अब 22.5 से 37.5 डॉलर प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. इक्वाडोर और वियतनाम जैसे देशों से कम टैरिफ पर झींगा आयात हो रहा है. इससे भारतीय किसानों को नुकसान और अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगाई झेलनी पड़ रही है.

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Shrimp Price In America: अमेरिका ने 27 अगस्त, 2025 से भारतीय सामानों पर 50% आयात शुल्क (टैरिफ) लागू किया है. टैरिफ में इस प्रकार की बढ़ोतरी के बाद अमेरिका में भारतीय झींगा की कीमतों में तेजी से उछाल आ गया है. हालांकि, अमेरिका ने समुद्री खाद्य पदार्थों के आयात के लिए बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे दूसरे एशियाई देशों पर कम टैरिफ लगाकर झींगा की कीमतों को काबू करने का प्रयास किया है, लेकिन अमेरिका भारत के सबसे बड़े समुद्री खाद्य निर्यातों में से एक है. अमेरिका में भारतीय झींगा की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर देसी-विदेशी मीडिया ने अपने-अपने तरीके से रिपोर्ट प्रकाशित किया है. आइए, जानते हैं कि मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत पर भारी टैरिफ लागू किए जाने के बाद अमेरिका में भारत का झींगा किस भाव बिक रहा है.

भारतीय झींगा की कीमतों में 50% बढ़ोतरी

अंग्रेजी के अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड ने 24 अगस्त 2025 को अपनी एक रिपोर्ट में लिखा कि अमेरिकी बाजार में प्रीमियम बड़े आकार के झींगा की कीमतें पिछले एक से डेढ़ सप्ताह में करीब 50% बढ़ गई हैं. कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जो भारतीय झींगा 15 से 25 डॉलर प्रति किलोग्राम बिक रहा था, टैरिफ में 50% की बढ़ोतरी के बाद यह 22.5 से 37.5 डॉलर प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है. कीमतों में यह बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए किराने की दुकानों और रेस्तरां में झींगा को महंगा बनाएगा.

इक्वाडोर से झींगा का आयात कर रहा अमेरिका

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय झींगा पर अप्रैल, 2025 से ही कुल टैरिफ (एंटी-डंपिंग, काउंटरवेलिंग, और अतिरिक्त शुल्क सहित) 50% से अधिक हो गया है, जबकि इक्वाडोर जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर केवल 10-18.8% टैरिफ लागू है. इस वजह से अमेरिकी आयातक इक्वाडोर की ओर रुख कर रहे हैं. इसका नतीजा यह निकला कि जून, 2025 में इक्वाडोर के झींगा निर्यात में 44% की वृद्धि हुई.

नेशनल फिशरीज इंस्टीट्यूट की चेतावनी

सीफूडसोर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नेशनल फिशरीज इंस्टीट्यूट की अध्यक्ष लिसा वालेंडा पिकार्ड ने अप्रैल, 2025 की शुरुआत में ही चेतावनी दी थी कि ट्रंप के टैरिफ के कारण समुद्री भोजन की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे “स्वास्थ्यप्रद पशु प्रोटीन” कम उपलब्ध और अधिक महंगा हो जाएगा. यह उपभोक्ताओं के लिए खाद्य लागत को और बढ़ा सकता है.

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भारत के झींगा किसानों को नुकसान

रॉयटर्स ने 19 अगस्त 2025 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय झींगा किसानों (विशेष रूप से आंध्र प्रदेश में) को भारी नुकसान हो रहा है. इसका कारण यह है कि निर्यातकों ने किसानों को दी जाने वाली कीमतों में 20% की कटौती की है. कई किसान झींगा पालन छोड़कर मछली पालन या दूसरे व्यवसायों की ओर रुख कर रहे हैं. कॉन्टेक्स्ट बाय टीआरएफ के अनुसार, भारतीय झींगा पर कुल शुल्क 30% से अधिक हो गया है और रूस से तेल खरीद के कारण अतिरिक्त 25% शुल्क होने पर 60% तक पहुंच सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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