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कमजोर ग्लोबल ट्रेंड से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट से निवेशकों को लगी 3.3 लाख करोड़ रुपये की चोट

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम.
सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम.
फाइल फोटो.

मुंबई : कमजोर ग्लोबल ट्रेंड की वजह से गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. करीब 20 दिनों के बाद शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गयी. सेंसेक्स घटकर 39700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 11660 के स्तर पर पहुंच चुकी है. इसमें 300 अंकों के करीब गिरावट आयी. सेंसेक्स 1066 अंकों की गिरावट के साथ 39728 के स्तर पर बंद हुआ और निफ्टी 290 अंकों की गिरावट के साथ 11680 पर बंद हुआ. मीडिया की खबरों के अनुसार, आज निवेशकों के 3.3 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 157.22 लाख करोड़ पर पहुंच गया.

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को वित्तीय और आईटी सेक्टर की कई कंपनियों में भारी बिकवाली देखने को मिली है. इसके चलते बाजार में हाहाकर मचा हुआ. इसके साथ ही, वैश्विक शेयर बाजारों में भी अमेरिकी राहत पैकेज में हो रही देरी को लेकर बनी निराशा और कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए गिरावट देखने को मिली है, जिसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है.

दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस ने इस बार उम्मीद से ज्यादा अच्छा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है. इसके बाद कई लार्ज-कैप वाली कंपनियां अपना रिजल्ट जारी करने वाली हैं. ऐसे में बाजार में बिकवाली हावी है. वहीं निफ्टी में गिरावट से एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस को नुकसान हुआ है. इन कंपनियों के शेयर 2.60 फीसदी से 3.76 फीसदी के बीच कारोबार कर रहे थे. हालांकि, टाटा स्टील, हीरो मोटोकॉर्प, हिंडाल्को और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में 1.15 से लेकर 2.52 फीसदी की तेजी देखी गई.

वहीं, सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा. इन चारों कंपनियों को कुल मिलाकर 400 अंकों का नुकसान हुआ है.

बाजार में भारी गिरावट की क्या है वजह

अमेरिकी राहत पैकेज में देरी

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के सेक्रेटरी स्टीव मुनचिन ने कहा कि वे और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव स्पीकर नेंसी पेलोसी किसी भी अन्य कोरोना इकोनॉमिक रिलीफ पैकेज से काफी दूर हैं. यानी 3 नवंबर के होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले राहत पैकेज की संभावना बेहद कम है.

अमेरिका-चीन आपसी तनाव

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने ट्रम्प प्रशासन के सामने एक प्रस्तव रखा है. इसके मुताबिक, चीन की दिग्गज कंपनी अलीबाबा की एंट ग्रुप को ब्लैकलिस्ट में जोड़ने की बात कही गई है। इससे बीजिंग और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ सकता है.

कोरोना के नये मामलों में बढ़ोतरी

कोरोना के मामले बढ़ने से निवेशकों को चिंता है कि सरकार दोबारा लॉकडाउन का ऐलान कर सकती है, क्योंकि यूरोपीय देश स्कूलों को बंद कर रहे हैं.

Posted by : Vishwat Sen

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