Corona crisis में Samsung ने बढ़ाए मदद के हाथ : अस्पतालों को मास्क, पीपीई और स्थानीय लोगों तक पहुंचा रही खाना

Updated at : 31 Mar 2020 10:19 PM (IST)
विज्ञापन
Corona crisis में Samsung ने बढ़ाए मदद के हाथ : अस्पतालों को मास्क, पीपीई और स्थानीय लोगों तक पहुंचा रही खाना

कोरोना वायरस संकट के बीच देश के सक्षम लोग जहां गरीबों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री कोष में रकम जमा करा रहे हैं, तो दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनी ने भी मदद के हाथ आगे बढ़ा दिये हैं.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस संकट के बीच देश के सक्षम लोग जहां गरीबों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री कोष में रकम जमा करा रहे हैं, तो दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनी ने भी मदद के हाथ आगे बढ़ा दिये हैं. टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी सैमसंग इंडिया कोरोना वायारस से निपटने में सरकारों और स्थानीय निकायों की मदद कर रही है. कंपनी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा किट (पीपीई) और मास्क पहुंचाने का काम कर रही है. साथ ही, अपने संयंत्रों के आसपास स्थानीय समुदायों तक खाने के पैकेट पहुंचाने में पुलिस की मदद भी कर रही है.

कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसने अस्पतालों में हजारों की संख्या में मास्क और पीपीई किट पहुंचाएं हैं. प्रत्येक पीपीई किट में सर्जन गाउन, फेस मास्‍क, दस्‍ताने, सुरक्षात्‍मक आई वियर, हुड कैप और शू कवर शामिल है. कंपनी का कहना है कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वह देश के संयुक्त संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध है. इसके लिए वह एक व्यापक और सार्थक रणनीति तैयार करने में विभिन्न सरकारों, स्थामनीय प्राधिकारों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के साथ 24 घंटे काम कर रही है.

कंपनी ने बड़ी संख्या में इंफ्रा-रेड थर्मोमीटर और एयर प्यूरीफायर भी उपलब्ध कराए हैं. इनका उपयोग अस्पतालों और अन्य पेशेवर जगहों पर किया जा सकता है. अपनी विनिर्माण इकाइयों के आसपास वह स्थानीय समुदायों को खाने के पैकेट उपलब्ध कराने में स्थानीय पुलिस की मदद भी कर रही है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola