1. home Hindi News
  2. business
  3. rules related to money transactions will change in last month of year in december your bank going to make big change in transfer money through rtgs news hindi smt

साल के अंतिम महीने में बदल जाएंगे पैसे लेन-देन से जुड़े ये नियम, आपका बैंक करने जा रहा बड़ा बदलाव

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
RTGS Payment, Online Fund Transfer, NEFT, RTGS, RBI, SBI
RTGS Payment, Online Fund Transfer, NEFT, RTGS, RBI, SBI
Prabhat Khabar

RTGS Payment, Online Fund Transfer, NEFT, RTGS, RBI, SBI: वर्ष 2020 के अंतिम महीने में बैंक पैसों से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव करने जा रही है. इस नए नियम के तहत अब आप 24 घंटे और 365 दिन रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे.

दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आरटीजीएस (RTGS) को 24x7 घंटे लागू करने का ऐलान किया था. फिलहाल, दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़ दें तो महीने के सभी वर्किंग डे पर RTGS सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा सकता है.

क्या है RTGS सर्विस

RTGS को रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट भी कहा जाता है. इसके जरिए पैसे आसानी से कम समय में ट्रांसफर किया जा सकता है. आमतौर पर इससे बड़े अमाउंट को ट्रांजेक्शंस करने में सुविधा होती है. बड़े व्यापारियों के लिए बड़े काम की चीज है. 2 लाख रुपये से कम अमाउंट इसके जरिए ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है. इससे भी बड़ी बात यह है कि ट्रांसफर करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होता है. ऑनलाइन या बैंक के ब्रांच दोनों माध्यम से आप फंड ट्रांसफर कर सकते हैं.

इससे पूर्व नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) को 24 घंटे उपलब्ध भी इसी तरह करवाया गया था. वर्ष 2019 के दिसंबर में NEFT सिस्टम को 24x7 उपलब्ध कराया गया था.

जानें क्या है NEFT

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने का आसान तरीका है. जिसके माध्यम से आप एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसों का लेनदेन सेकेंड भर में कर सकते है. इसके लिए आपके खाते में इंटरनेट बैंकिंग सुविधा चालू होनी चाहिए. बड़ी बात यह है कि इसमें पैसे ट्रांसफर करने के लिए किसी भी तरह का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है. लेकिन ब्रांच से NEFT करने में चार्ज लगता है.

क्यों दी जा रही यह सुविधा

भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों को विकसित करने और घरेलू, कॉरपोरेट संस्थानों को बड़े स्तर पर ऑनलाइन भुगतान की फ्लैक्सिबिटी उपलब्ध कराने हेतू यह फैसला लिया जा रहा है.

Posted By: Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें