RBI का बड़ा फैसला, अब बैंक बिना किसी टेंशन के अपनी कमाई को बना सकेंगे अपनी पूंजी

Published by :Soumya Shahdeo
Published at :09 May 2026 9:59 AM (IST)
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RBI Bank Capital Rules

RBI Bank Capital Rules (Photo: ANI)

RBI Bank Capital Rules: आरबीआई ने बैंकों के लिए नियमों को आसान बना दिया है. अब बैंक बिना किसी कठिन शर्त के अपने तिमाही मुनाफे को पूंजीगत ताकत के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे.

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RBI Bank Capital Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बैंकों के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरा फैसला सुनाया है. अब बैंकों को अपनी तिमाही (quarterly) मुनाफे को अपनी पूंजीगत ताकत (capital strength) के रूप में दिखाने के लिए पुरानी और पेचीदा शर्तों का पालन नहीं करना होगा. आसान शब्दों में कहें तो आरबीआई ने बैंकों के लिए अपनी ‘पूंजी की गणना’ करने के तरीके को और भी सरल बना दिया है.

क्या है यह नया बदलाव?

अब तक नियम यह था कि बैंक अपनी तिमाही कमाई को अपनी मुख्य पूंजी (CET1) में तभी जोड़ सकते थे, जब उनके एनपीए (NPA) यानी फंसे हुए कर्ज के लिए रखे गए पैसे में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो. पुराना नियम कहता था कि पिछले साल की चारों तिमाहियों के औसत के मुकाबले एनपीए प्रोविजनिंग में 25 प्रतिशत से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए. अब आरबीआई ने इस 25% वाली शर्त को पूरी तरह से हटा दिया है.

बैंकों को इससे क्या फायदा होगा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बैंकों के लिए अपना कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) मेंटेन करना आसान हो जाएगा. CRAR वह पैमाना है जिससे पता चलता है कि किसी बैंक के पास नुकसान झेलने के लिए पर्याप्त पैसा है या नहीं. अब बैंक बिना किसी NPA-लिंक्ड शर्त के अपनी हर तिमाही के मुनाफे को अपनी कोर कैपिटल में शामिल कर सकेंगे. इससे उनकी वित्तीय स्थिति कागजों पर और भी मजबूत दिखेगी और काम करने में आसानी होगी.

किन बैंकों पर लागू होंगे ये नियम?

आरबीआई ने इस संबंध में तीन अलग-अलग निर्देश जारी किए हैं. ये नए नियम कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों पर लागू होंगे. आरबीआई ने साफ किया है कि यह फैसला 8 अप्रैल, 2026 को जारी किए गए ड्राफ्ट प्रस्तावों और उस पर मिले फीडबैक के बाद लिया गया है.

आम जनता और बैंकिंग सिस्टम पर असर?

यह कदम बैंकिंग सिस्टम को स्ट्रीमलाइन यानी व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है. जब बैंकों की पूंजी गणना की प्रक्रिया आसान होती है, तो उनके पास बिजनेस बढ़ाने और लोन देने की क्षमता पर बेहतर स्पष्टता रहती है. आरबीआई का मानना है कि इस सरलीकरण से बैंकों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और बेवजह की जटिलताएं खत्म होंगी.

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

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सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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