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मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- ‘स्लॉग ओवर' में बेहतर प्रदर्शन जरूरी

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 RBI Governor Shaktikanta Das
RBI Governor Shaktikanta Das
Photo : PTI

मुंबई : रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश में क्रिकेट की लोकप्रियता और आईपीएल प्रतियोगिता के बीच शुक्रवार को अर्थव्यवस्था की स्थिति को सरल शब्दों में समझाने के लिये क्रिकेट के शब्दों का उपयोग किया. उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बुरी तरीके से प्रभावित अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्र अपनी ‘पारी' बचाने और मजबूती के लिये ‘अंतिम ओवरों' (स्लॉग ओवर) का बेहतर उपयोग कर सकते हैं.

मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद फैसलों की वीडियो कन्फ्रेंसिग के जरिये जानकारी देते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने संबोधन में ‘अपना खाता खोला' और ‘स्ट्राइक फॉर्म' (लय में आना) जैसे शब्दों का उपयोग किया. रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया और इसे चार प्रतिशत पर बरकरार रखा. केंद्रीय बैंक ने उदार रुख को बररार रखा और कहा कि जरूरत पड़ने पर आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिये वह उपयुक्त कदम उठाएगा.

कोविड-19 प्रभावित अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार के बारे में अपने विचार रखते हुए दास ने कहा, ‘‘मेरे विचार से मुख्यत: तीन तरह की गति से पुनरूद्धार हो सकता है. अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार की गति अलग-अलग है जो क्षेत्र विशेष की वास्तविकताओं और स्थिति पर निर्भर है.'' उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों ने जल्दी ‘अपना खाता खोला' यानी वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़े, वे संभवत: वे हैं, जिन्होंने महामारी के बीच मजबूती दिखायी और वे श्रम-गहन भी हैं.

इस श्रेणी में दास ने कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी), दो पहिया वाहन निर्माता, यात्री वाहन और ट्रैक्टर, औषधि तथा बिजली उत्पादन खासकर नवीकरणीय ऊर्जा को शामिल किया. गवर्नर ने दूसरी श्रेणी के क्षेत्रों के लिये कहा कि वे ‘लय में' (स्ट्राइक फार्म) आ रहे हैं, इसमें वे कंपनियां आएंगी जहां गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं. दास ने कहा, ‘‘तीसरी श्रेणी के क्षेत्र वे हैं, जहां कंपनियों को पारी के आखिरी ओवरों (स्लॉग ओवर) का सामना करना है लेकिन वे अपनी ‘पारी' संभाल सकते हैं. ये वो क्षेत्र हैं जो कोरोना संकट से संबद्ध सामाजिक दूरी और अन्य पाबंदियों जैसी चीजों से काफी प्रभावित हुए हैं.''

उन्होंने इन शब्दों का उपयोग वैसे समय किया है क्रिकेट की आईपीएल (इंडिया प्रीमियर लीग) प्रतियोगिता चल रही है. आर्थिक वृद्धि के बारे में दास ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में अर्थव्यवस्था वृद्धि के रास्ते पर लौट आएगी. उन्होंने कहा, ‘‘जो भी संकेत हैं, उसके अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जो भारी गिरावट आई है, वह समय पीछे निकल गया है. अब पुनरूद्धार के संकेत दिख रहे हैं.....'' पूरे वित्त वर्ष के बारे में आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘‘वास्तविक जीडीपी में 2020-21 में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. इसके और नीचे जाने का जोखिम भी बना हुआ है.''

Posted By : Rajneesh Ananad

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