क्या आपका डिजिटल फ्रॉड हुआ है ? जानिए RBI के नए ₹25,000 रिफंड नियम के बारे में

RBI Customer Compensation: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति संबोधन में बताया कि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी. इनमें अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित करने, गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने (मिस-सेलिंग) और लोन रिकवरी से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे.
RBI Customer Compensation: डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहा है. केंद्रीय बैंक ऐसे फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है, जिसके तहत छोटे डिजिटल फ्रॉड में हुए नुकसान पर ग्राहकों को ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकता है. इसका मकसद बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भरोसा बढ़ाना है.
डिजिटल फ्रॉड से ग्राहकों को राहत देने की योजना
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति संबोधन में बताया कि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी. इनमें अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन में ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित करने, गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने (मिस-सेलिंग) और लोन रिकवरी से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे.
रिकवरी एजेंट और लोन प्रक्रियाओं पर भी सख्ती
नई गाइडलाइंस में रिकवरी एजेंट्स के इस्तेमाल और लोन वसूली के तरीकों को भी नियमों के दायरे में लाया जाएगा, ताकि ग्राहकों के साथ किसी तरह की जबरदस्ती या गलत व्यवहार न हो. इसके अलावा डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के उपायों पर एक चर्चा पत्र (डिस्कशन पेपर) भी जारी किया जाएगा. ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और पीयर-टू-पीयर लेंडिंग के बढ़ते चलन के साथ धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं. ऐसे में RBI की यह पहल ग्राहकों को सुरक्षा देने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
एक्सपर्ट्स बोले ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा
LenDenClub और Vartis Platforms के को-फाउंडर और CEO भाविन पटेल के मुताबिक, यह कदम फ्रॉड का शिकार हुए ग्राहकों के लिए बड़ा सहारा साबित होगा और इससे लेंडिंग इकोसिस्टम में भरोसा और जवाबदेही बढ़ेगी. उनका कहना है कि सीमित जिम्मेदारी और मुआवजे की व्यवस्था से लोग समय पर शिकायत दर्ज कराएंगे और डर कम होगा.
ग्राहकों के साथ-साथ संस्थानों को भी फायदा
Resurgent India Limited के MD ज्योति प्रकाश गाडिया का मानना है कि RBI का यह कदम ग्राहक-केंद्रित सोच को दर्शाता है. इसमें सीनियर सिटीजन्स की सुरक्षा जैसे पहलू भी शामिल हैं. साथ ही बैंकों को पर्याप्त तरलता (लिक्विडिटी) देकर अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश भी की जा रही है.
पहले भी कई सुधार कर चुका है RBI
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के समय में MSME के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाना और NBFC से जुड़े नियमों में राहत जैसे फैसले भी RBI के सक्रिय और संतुलित दृष्टिकोण को दिखाते हैं, जहां ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों दोनों का ध्यान रखा जा रहा है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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