Indian Railways: लोकसभा में बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे स्टेशनों का नहीं होगा निजीकरण

Indian Railways: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के सांसद श्रीकांत शिंदे के सवाल का जवाब देते हुए लोकसभा में कहा कि देशभर में 1200 से अधिक स्टेशनों का विकास कार्य कराया जा रहा है. केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर ही काम कर रही है.
Indian Railways: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा. उन्होंने कहा कि रेलवे के सामरिक महत्व एवं उसकी जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया है. अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के सांसद श्रीकांत शिंदे के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देशभर में 1200 से अधिक स्टेशनों का विकास कार्य कराया जा रहा है. केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर ही काम कर रही है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑपरेशनलाइज स्थिति में स्टेशनों को रिडेवलप किए जाने को चुनौतीपूर्ण कार्य बताया. साथ ही स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों का प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा. उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का विकास बुनियादी तौर पर सरकार के कोष से ही किया जा रहा है. रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल में रेलवे स्टेशनों और सुविधाओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन निरंतर चलने वाली एवं सतत प्रक्रिया है जो यातायात की मात्रा, निधियों की उपलब्धता और कार्यों की पारस्परिक प्राथमिकता पर निर्भर करती है.
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल ही में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिये एक नयी योजना अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई है. इस योजना के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन के विकास के लिये सीमावर्ती क्षेत्रों सहित देश में कुल 1275 स्टेशनों की पहचान की गई है. रेल मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत आंध्र प्रदेश में 72 स्टेशन, अरूणाचल प्रदेश में एक, असम में 49, बिहार में 86, छत्तीसगढ में 32, दिल्ली में 13, गोवा में 2, गुजरात में 87, हरियाणा में 29, हिमाचल प्रदेश में 3, झारखंड में 57, कर्नाटक में 55, केरल में 34, मध्यप्रदेश में 80, महाराष्ट्र में 123, ओडिशा में 57, पंजाब में 30, राजस्थान में 82, तमिलनाडु में 73, तेलंगाना में 39, त्रिपुरा में 4, उत्तर प्रदेश में 149, उत्तराखंड में 11, पश्चिम बंगाल में 94 और जम्मू कश्मीर में 4 स्टेशनों का विकास किया जायेगा.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे की प्रणाली की अपनी जटिलताएं हैं, जिसमें स्टेशनों के विकास के दौरान यह ध्यान में रखा जाता है कि ट्रेनों का परिचालन प्रभावित नहीं हो. उन्होंने कहा कि अभी जिन 1200 स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, उनमें से 1190 स्टेशनों का विकास अपने ही कोष से किया जा रहा है और इसमें निजी भागीदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार ने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य 2-3 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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