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Jio के आने से घबरा गए थे सुनील मित्तल, PM Modi ने बताया उपाय

Updated at : 30 May 2024 5:24 PM (IST)
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Jio के आने से घबरा गए थे सुनील मित्तल, PM Modi ने बताया उपाय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारती एयरटेल के संस्थापक सुनील मित्तल. फोटो: सोशल मीडिया

PM Narendra Modi News: सुनील मित्तल ने सितंबर, 2018 में प्रधानमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा था. प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए मित्तल ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मैं बाजार में लड़ूंगा, लेकिन सरकार से नहीं लड़ सकता.

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PM Modi News: भारती एयरटेल के संस्थापक सुनील मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद मजबूत नेता हैं और वे एक ठोस अर्थव्यवस्था को सुव्यवस्थित तरीके से चला रहे हैं. यह उनके कुशल संचालन का ही परिणाम है कि उनकी अगुआई में भारती एयरटेल समेत देश के सभी कंपनियों का मूल्यांकन ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. अंग्रेजी के अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुनील मित्तल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की तारीफ की.

पीएम मोदी की निष्पक्षता के कायल हैं सुनील मित्तल

भारती एयरटेल के संस्थापक सुनील मित्तल ने आगे कहा कि साल 2018 में एक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का सरकार के स्तर पर किसी भी कंपनी का पक्ष नहीं लिया. उनका यह संदेश भारती एयरटेल के लिए एक महत्वपूर्ण था. इससे एयरटेल को रिलायंस जियो से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बढ़ने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि सितंबर, 2018 में एक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार नियमों के अनुरूप काम करेगी, किसी का पक्ष नहीं लेगी और वही करेगी, जो देश के लिए अच्छा है. इस तरह की निश्चितता के साथ भारती एयरटेल जैसी कंपनियां बाजार में कड़ी टक्कर दे सकती हैं.

केवल कुछ लोगों को तरजीह नहीं देते प्रधानमंत्री मोदी

इसके साथ ही भारती ग्रुप के प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार के समय केवल कुछ लोगों को ही तरजीह दिए जाने के बयान ‘बिल्कुल गलत’ हैं. उन्होंने कहा कि इस देश में पैसा आ रहा है. बहुत सारी पूंजी आ रही है, जिससे शेयर बाजार में उछाल आ रहा है. ये बड़े पैमाने पर मूल्यांकन एक बेहद मजबूत नेता के मातहत एक स्थिर, ठोस, कार्यात्मक अर्थव्यवस्था का परिणाम है.

रिलायंस जियो की टक्कर से डर गए थे सुनील मित्तल

मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने वर्ष 2016 में मुफ्त वॉयस और डेटा सर्विस के साथ दूरसंचार बाजार में हलचल मचा दी थी. उस समय एयरटेल को लगा था कि दूरसंचार नियामक ट्राई के कुछ फैसले उस पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं. इसी को लेकर सुनील मित्तल ने सितंबर, 2018 में प्रधानमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा था. प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए मित्तल ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मैं बाजार में लड़ूंगा, लेकिन सरकार से नहीं लड़ सकता. इस पर उन्होंने मुझसे कहा कि सरकार किसी भी पक्ष की ओर नहीं झुकेगी. देश के लिए जो भी अच्छा होगा, वह किया जाएगा. आप बाजार में लड़ें. इस पर मेरी कोई राय नहीं है, लेकिन आप इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं कि सरकार किसी का पक्ष नहीं लेगी.

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प्रधानमंत्री मोदी के आश्वासन से मिली लड़ने की हिम्मत

मित्तल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों को याद करते हुए कहा कि मेरे लिए उनका यह कहना पर्याप्त था. मैंने उठकर उनका धन्यवाद किया. यह एयरटेल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था. इसके साथ ही मित्तल ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के साथ उस बैठक से एक अविश्वसनीय ऊर्जा और प्रेरणा भी मिली. उन्होंने कहा कि कभी-कभी आपको प्रेरणा की जरूरत होती है. मुझे किसी से इसकी जरूरत थी. एक बेहद ही मजबूत संदेश था कि बाजार में लड़ो. खुद तमाम बाधाओं के खिलाफ लड़ चुका एक व्यक्ति मुझे कह रहा था कि आप अपना काम करें और आश्वस्त रहें कि सरकार केवल वही काम करेगी, जो देश के लिए अच्छा है.

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रिलायंस जियो ने बदल दी इंटरनेट की दुनिया

मित्तल ने आगे कहा कि इस बैठक के बाद उन्होंने दूरसंचार नियमों को एक बड़े परिप्रेक्ष्य में देखना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि शायद कम शुल्क ही बेहतर थे. कम शुल्क डेटा सर्विसेज को लोकतांत्रिक बनाने के लिए बेहतर थे. आप चीजों को एक अलग संदर्भ में देखने लगते हैं, क्योंकि आपको यकीन दिलाया जाता है कि यहां कोई एजेंडा नहीं है. जियो के दूरसंचार क्षेत्र में आने से भारत में इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह से बदल गई. सस्ती डेटा शुल्कों ने स्मार्टफोन की बड़े पैमाने पर पहुंच को बढ़ावा दिया और डिजिटल भुगतान का प्रसार भी तेजी से हुआ है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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