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दिवाली पर नहीं मिला तो कब मिलेगा पीएम किसान 21वीं किस्त का पैसा, जानें क्या कहती है रिपोर्ट

Updated at : 23 Oct 2025 2:57 PM (IST)
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PM Kisan 21st Instalment

पीएम किसान की 21वीं किस्त के इंतजार में लाखों किसान.

PM Kisan 21st Instalment: दिवाली पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी नहीं हुई है. अब किसानों के खातों में यह भुगतान नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में आने की संभावना है. केंद्र सरकार बिहार चुनाव से पहले इसकी घोषणा कर सकती है. कुछ राज्यों को पहले ही किस्त मिल चुकी है, जबकि बाकी किसान इंतजार कर रहे हैं. ई-केवाईसी पूरी करने और आधार लिंक बैंक खातों वाले किसानों को ही इस किस्त का लाभ मिलेगा.

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PM Kisan 21st Instalment: भारत के 10 करोड़ से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) की 21वीं किस्त का पैसा आने का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ओर से दिवाली पर पीएम किसान की 21वीं किस्त के पैसे जारी किए जा सकते हैं, लेकिन इस त्योहार पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी है. अब जबकि दिवाली पर किसानों के खातों में इस योजना के पैसे नहीं आए, तो कब आएंगे? आइए, पीएम किसान योजना से संबंधित कुछ जरूरी बातें जानते हैं.

किसानों के खातों में कब आएगा पैसा

अंग्रेजी की वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली के मौके पर किसानों के खातों में पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त के पैसे नहीं आए हैं, तो अब ये पैसे संभवत: नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं. माना यह जा रहा है कि सरकार की ओर से पीएम किसान योजना के पैसे जारी करने का ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से कुछ दिन पहले किया जा सकता है. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें 6 और 11 नवंबर तय की गई हैं, जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी.

बिहार में चुनावी आचार संहिता है लागू

हालांकि, बिहार में चुनावी आचार संहिता लागू है. इस वजह से सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार इस दौरान पीएम किसान की 21वीं किस्त के पैसे जारी कर सकती है। चुनावी नियमों के अनुसार, आचार संहिता के दौरान नई योजनाओं की घोषणा नहीं की जा सकती. ऐसे में केंद्र सरकार अगर नवंबर के पहले हफ्ते में भुगतान करती है, तो यह सीधे चुनावी मौसम के बीच किसानों तक राहत पहुंचाने जैसा कदम होगा. लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से स्वीकृत या नियमित योजनाओं का भुगतान जारी रह सकता है, क्योंकि यह नीति पहले से लागू है और किसी नए वादे के दायरे में नहीं आती. इसका मतलब यह हुआ कि तकनीकी तौर पर पीएम किसान की किस्त जारी करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए.

कुछ राज्यों को पहले ही मिल चुकी है 21वीं किस्त

केंद्र सरकार कुछ राज्यों के किसानों को पहले ही 21वीं किस्त का लाभ दे चुकी है. 26 सितंबर 2025 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए पीएम किसान के 21वीं किस्त के पैसे जारी की थी. इन राज्यों को हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान के चलते एडवांस राहत के रूप में किस्त जारी की गई थी. इसके अलावा, 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में भी भुगतान पहुंच चुका है. अब बाकी राज्यों के किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं.

क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी. इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता देना है. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. 20वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी की गई थी, जिससे देशभर के 8.5 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ हुआ. इस योजना के माध्यम से सरकार अब तक 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों को ट्रांसफर कर चुकी है.

किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ

सरकार ने फरवरी 2019 को एक कटऑफ डेट तय की थी. जिन किसानों ने इस तारीख के बाद नई खेती की ज़मीन खरीदी या पट्टे पर ली, वे अगले पांच वर्षों तक पीएम किसान योजना के तहत भुगतान पाने के पात्र नहीं होंगे. हालांकि, अगर किसी किसान की मृत्यु के बाद जमीन उसके वारिस को मिली है, तो वह लाभ पाने का हकदार रहेगा. इसके अलावा, जिन किसानों ने ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है या जिनके बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें किस्त का भुगतान नहीं किया जाएगा.

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ई-केवाईसी प्रक्रिया कैसे पूरी करें

किसान अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया तीन तरीकों से पूरी कर सकते हैं.

  • ऑनलाइन ओटीपी-बेस्ड ई-केवाईसी: इसके लिए किसान pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर OTP के जरिए ई-केवाईसी कर सकते हैं.
  • बायोमेट्रिक ई-केवाईसी: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर इस काम को पूरा किया जा सकता है.
  • फेस ऑथेंटिकेशन: मोबाइल ऐप के जरिए चेहरा स्कैन करके ई-केवाईसी किया जा सकता है.

इनमें से किसी भी माध्यम से ई-केवाईसी पूरी करने पर ही किसान को किस्त का लाभ मिलेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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