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सरकारी कर्मचारी हुए बर्खास्त तो रिटायरमेंट का नहीं मिलेगा फायदा, बदल गया पेंशन नियम

Updated at : 27 May 2025 8:26 PM (IST)
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Pension Rules Change

Pension Rules Change

Pension Rules Change: केंद्र सरकार ने पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए फैसला लिया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) से बर्खास्त या हटाए गए कर्मचारियों को अब सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलेंगे. यह संशोधित नियम 22 मई 2025 से प्रभावी हुआ है और इसका उद्देश्य सरकारी सेवा में अनुशासन बढ़ाना है. फैसले की समीक्षा संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय करेगा. ये नियम 31 दिसंबर 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होते हैं, लेकिन रेलवे, IAS, IPS और IFoS अधिकारी इससे बाहर हैं.

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Pension Rules Change: सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है. खबर यह है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने पेंशन नियमों में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है. अब अगर किसी कर्मचारी को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) से बर्खास्त या हटाया जाता है, तो उसे रिटायरमेंट यानी सेवानिवृत्ति के लाभ नहीं मिलेंगे. यह बदलाव केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में संशोधन के तहत किया गया है, जिसे हाल ही में 22 मई 2025 को अधिसूचित किया गया.

नई अधिसूचना के प्रमुख प्रावधान

नई अधिसूचना केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2025 के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में काम कर रहा है और किसी कदाचार या अनुशासनहीनता के चलते बर्खास्त या हटाया जाता है, तो उसकी सेवा अवधि के बावजूद उसे पेंशन या अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट नहीं दिए जाएंगे.

मंत्रालय करेगा फैसले की समीक्षा

यदि किसी कर्मचारी को बर्खास्त या हटाया जाता है, तो उस फैसले की समीक्षा संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय द्वारा की जाएगी. मंत्रालय यह तय करेगा कि क्या बर्खास्तगी उचित थी और क्या उस पर सेवानिवृत्ति लाभों की जब्ती लागू होगी.

पहले क्या था नियम?

पहले के नियमों के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े कर्मचारियों को बर्खास्तगी या सेवा से हटाए जाने की स्थिति में भी सेवानिवृत्ति लाभ मिल सकते थे. इसका मतलब यह हुआ कि उनके पेंशन या ग्रेच्युटी जैसे लाभ सुरक्षित रहते थे. लेकिन, अब इस संशोधन के बाद ऐसा संभव नहीं होगा.

किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे ये नियम?

यह संशोधन नियम रेलवे कर्मचारियों, आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, IAS, IPS और IFoS अधिकारियों पर लागू नहीं होंगे. ये नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होते हैं, जो 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवाएं नियमित रूप से केंद्र सरकार के अधीन हैं.

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सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी जवाबदेही

पेंशन नियमों में यह संशोधन सरकारी कर्मचारियों के लिए अनुशासन और जवाबदेही को बढ़ावा देने वाला कदम है. अब कर्मचारियों को सेवा के दौरान आचरण पर विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का असर सीधे रिटायरमेंट लाभों पर पड़ सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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