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Pakistan Budget: अब उड़ेगा पाकिस्तान, 4,224 अरब रुपये का बना है बजट

Updated at : 05 Jun 2025 4:24 PM (IST)
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Pakistan Budget

Pakistan Budget

Pakistan Budget: पाकिस्तान ने 2025-26 के लिए 4,224 अरब रुपये का विकास बजट मंजूर किया है. पीएम शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एनईसी बैठक में ‘उरान पाकिस्तान’ योजना और 13वीं पंचवर्षीय योजना को भी स्वीकृति मिली. जीडीपी वृद्धि दर 4.2% रखने का लक्ष्य तय किया गया है. बैठक में भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगन पर भी प्रतिक्रिया दी गई. धन प्रेषण में 30.9% वृद्धि और चालू खाता पहली बार सकारात्मक रहा है. कृषि और निजी क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई.

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Pakistan Budget: आतंकियों के आका देश पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सालाना बजट पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में इस्लामाबाद में हुई राष्ट्रीय आर्थिक परिषद (एनईसी) की बैठक में 2025-26 के लिए 4,224 अरब रुपये के राष्ट्रीय विकास बजट को मंजूरी दे दी गई. बैठक में पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4.2% की वृद्धि का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही उसने उड़ान पाकिस्तान योजना का भी खाका तैयार किया है.

चालू वर्ष की विकास दर 2.7%, कृषि को प्राथमिकता

एनईसी के अनुसार, 30 जून को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 2.7% रही है. पीएम शरीफ ने कहा कि कृषि क्षेत्र विदेशी मुद्रा और विकास दर बढ़ाने का प्रमुख स्रोत है, इसलिए इसे सशक्त करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है.

भारत पर निशाना, सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया

बैठक में पीएम शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान को जल संसाधनों से वंचित करना अस्वीकार्य है. उन्होंने दावा किया कि इस मोर्चे पर भी भारत को जवाब दिया जाएगा.

धन प्रेषण में बढ़ोतरी, चालू खाता हुआ सकारात्मक

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 से अप्रैल 2025 तक धन प्रेषण में 30.9% की वृद्धि हुई है. पहली बार चालू खाता शेष सकारात्मक हुआ है. वहीं, नीतिगत ब्याज दर को घटाकर 11% किया गया है. बैठक में बताया गया कि जुलाई 2024 से मई 2025 तक निजी क्षेत्र को 681 अरब रुपये का ऋण दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र अब विस्तार की ओर अग्रसर है.

उड़ान पाकिस्तान योजना और पंचवर्षीय योजना को स्वीकृति

एनईसी ने “उड़ान पाकिस्तान” नामक विकास योजना के खाके को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को गति देना है. इसके साथ ही 13वीं पंचवर्षीय विकास योजना को भी स्वीकृति दी गई है.

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उड़ान पाकिस्तान योजना क्या है?

उड़ान पाकिस्तान योजना पाकिस्तान सरकार की ओर से शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी आर्थिक विकास परियोजना है, जिसे 2025-26 के बजट के साथ मंजूरी दी गई है. यह योजना पाकिस्तान की राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि को तेज करने और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के जरिए सतत विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है.

  • आर्थिक सशक्तिकरण का रोडमैप: यह योजना देश के आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, ऊर्जा, शिक्षा और तकनीक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का खाका प्रस्तुत करती है. इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना और बेरोजगारी को कम करना है.
  • डिजिटल और टेक्नोलॉजी पर फोकस: योजना में डिजिटल इकोनॉमी, स्टार्टअप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि पाकिस्तान वैश्विक टेक रेस में खुद को स्थापित कर सके.
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: ‘उड़ान पाकिस्तान’ सार्वजनिक और निजी भागीदारी (पीपीपी) के मॉडल पर आधारित है, जहां सरकार प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं में निजी निवेश आकर्षित करेगी.
  • रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट: युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स शुरू किए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और ब्रेन ड्रेन पर लगाम लगे.
  • हरित ऊर्जा और पर्यावरण: योजना में सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाई जा सके.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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