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एनटीपीसी ने गुजरात और राजस्थान में उठाया नया कदम, 85.5 गीगावाट के पार पहुंचाया कुल कमर्शियल क्षमता

Updated at : 17 Dec 2025 8:42 PM (IST)
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NTPC Solar Energy

NTPC Solar Energy

NTPC Solar Energy: एनटीपीसी ने गुजरात और राजस्थान में अपने विभिन्न सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए 359.58 मेगावाट नई कमर्शियल क्षमता जोड़ी है. इसके साथ ही एनटीपीसी ग्रुप की कुल स्थापित और वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है. खावड़ा और नोख सोलर प्रोजेक्ट्स से रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा. कंपनी 2032 तक 60 गीगावाट हरित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है.

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NTPC Solar Energy: भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने गुजरात और राजस्थान में अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के अलग-अलग सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए 359.58 मेगावाट की नई कमर्शियल क्षमता जोड़ने की घोषणा की है. इस नई क्षमता के जुड़ने के साथ ही एनटीपीसी ग्रुप की कुल स्थापित और वाणिज्यिक क्षमता बढ़कर 85,541 मेगावाट हो गई है, जो देश की बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करती है.

खावड़ा-1 सोलर प्रोजेक्ट से 243.66 मेगावाट

एनटीपीसी ने अपनी सब्सिडियरी एनजीईएल (एनजीईएल) के माध्यम से एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) के गुजरात स्थित खावड़ा-1 सोलर पीवी प्रोजेक्ट की आंशिक क्षमता के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की है. इस प्रोजेक्ट की कुल प्रस्तावित क्षमता 1255 मेगावाट है, जिसमें से 243.66 मेगावाट अब कमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) के तहत चालू हो चुकी है. यह प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है और देश के सबसे बड़े सोलर पार्क क्षेत्रों में से एक माना जाता है.

राजस्थान के नोखा सोलर प्रोजेक्ट में भी प्रगति

गुजरात के साथ-साथ राजस्थान में भी एनटीपीसी ने सोलर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने राजस्थान में स्थित नोखा सोलर पीवी प्रोजेक्ट (3×245 मेगावाट) की कुल 245 मेगावाट क्षमता में से 78 मेगावाट की क्षमता के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की है. यह प्रोजेक्ट राजस्थान के सौर-समृद्ध क्षेत्रों में स्थित है और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति देगा.

हाइब्रिड ट्रेंच-वी प्रोजेक्ट से खावड़ा सोलर यूनिट

इसके अलावा, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के गुजरात स्थित 450 मेगावाट हाइब्रिड ट्रेंच-वी प्रोजेक्ट के अंतर्गत खावड़ा सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की भी आंशिक क्षमता चालू की गई है. इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 300 मेगावाट है, जिसमें से 37.925 मेगावाट अब वाणिज्यिक रूप से परिचालन में आ चुकी है. यह हाइब्रिड प्रोजेक्ट सोलर और अन्य नवीकरणीय स्रोतों के बेहतर संयोजन का उदाहरण है.

एनटीपीसी ग्रुप की कुल क्षमता 85.5 गीगावाट के पार

इन सभी नई क्षमताओं के जुड़ने के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित और कमर्शियल क्षमता बढ़कर 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है. एनटीपीसी लिमिटेड देश की कुल बिजली जरूरतों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा अकेले पूरा करती है, जो इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बनाता है.

निर्माणाधीन परियोजनाएं और रिन्यूएबल लक्ष्य

फिलहाल, एनटीपीसी की कुल स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है. इसमें से करीब 13.3 गीगावाट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं की है. कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो भारत के नेट ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को मजबूती देगा.

पोर्टफोलियो और भविष्य की तैयारी

थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड पावर प्लांट्स के संतुलित और विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी भरोसेमंद, किफायती और सस्टेनेबल बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही कंपनी ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, वेस्ट-टू-एनर्जी, न्यूक्लियर पावर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार कर रही है.

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स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में मजबूत कदम

नवाचार, आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाकर एनटीपीसी न सिर्फ वर्तमान की बिजली जरूरतें पूरी कर रही है, बल्कि देश के लिए एक सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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