ePaper

... और अब NSE ने साइबर जोखिम के मद्देनजर ब्रोकरों को Zoom App के प्रति किया आगाह

Updated at : 21 Apr 2020 5:31 PM (IST)
विज्ञापन
... और अब NSE ने साइबर जोखिम के मद्देनजर ब्रोकरों को Zoom App के प्रति किया आगाह

देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने ब्रोकरों और कारोबारियों को वीडियो कॉन्फ्रेस एप जूम (Zoom) के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए बीते 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के दौरान जूम एप के जरिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने को लेकर अब NSE ने भी अपने ब्रोकरों को आगाह किया है. सरकारी समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने ब्रोकरों और कारोबारियों को वीडियो कॉन्फ्रेस एप जूम (Zoom) के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. साथ ही, साइबर जोखिम के प्रति सावधान भी किया.

Also Read: ऑनलाइन Video मीटिंग के लिए सुरक्षित नहीं रह गया Zoom, ज्यादा जरूरी हो तो अपनाएं ये एहतियाती कदम

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान लोगों के घरों से काम करने के बीच इस एप का इस्तेमाल बढ़ा है. इससे पहले, सरकार भी अधिकारियों और सरकारी मशीनरी को इसके उपयोग को लेकर चेतावनी जारी कर चुकी है. इसके अलावा, इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, स्काइप, हाउसपार्टी, गूगल हैंगआउट जैसी कई अन्य वीडियो कॉलिंग एप के इस्तेमाल में वृद्धि देखी गयी है.

Also Read: Zoom App Ban: प्राइवेसी में दखल का आरोप, क्या भारत में भी बैन होगा ज़ूम ऐप?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने एक सर्कुलर में कहा कि इनमें से कुछ एप को सुरक्षित नहीं पाया गया है. इनसे उपभोक्ता की जानकारी, उसकी जगह और एप पर कॉलिंग के दौरान की गयी बातचीत का ब्यौरा लीक होने का खतरा है. इसलिए NSE सभी कारोबारियों और ब्रोकरों को इनके पति सावधानी बरतने का आग्रह करता है. वह अपनी स्थिति के अनुसार, उपयुक्त कार्रवाई करें. साइबर जोखिम के खतरे को कम करने के लिए अधिकारियों को बातचीत के लिए खासकर संवेदनशील जानकारियां साझा करने के दौरान जूम एप के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है.

NSE ने कहा कि यदि किसी आधिकारिक बैठक के लिए बातचीत किया जाना बेहद जरूरी है, तो उस स्थिति में व्यक्तिगत जानकारियों या अन्य संवेदनशील जानकारियों को लीक होने से बचाने के लिए पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए. इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) या कोविड-19 (COVID-19) के कीवर्ड वाले अवैध लिंक पर क्लिक करने से भी परहेज किया जाना चाहिए. बता दें कि इस महीने की शुरुआत में अन्य शेयर बाजार बीएसई ने भी अपने उपभोक्ताओं को साइबर हमलों से बचने के लिए चेतावनी दी थी. इसके बाद बीते दिनों गृह मंत्रालय ने भी एक एडवाइजरी जारी करके लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जूम एप से परहेज करने की सलाह दी थी.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola