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फर्जी मैसेज और रिकॉर्डेड कॉल के जरिए नहीं ठग पाएगा फ्रॉड, 1 सितंबर से Rules Change

Updated at : 22 Aug 2024 3:43 PM (IST)
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फर्जी मैसेज और रिकॉर्डेड कॉल के जरिए नहीं ठग पाएगा फ्रॉड, 1 सितंबर से Rules Change

एक सितंबर से नियमों में बदलाव करने जा रहा ट्राई

Rules Change: ट्राई के मुताबिक, उसके संज्ञान में लाया गया है कि नागरिकों को ट्राई से होने का दावा करते हुए तमाम प्री-रिकॉर्डेड कॉल की जा रही हैं. इनमें यूजर्स को धमकी दी जाती है कि उनके नंबर जल्द ही ब्लॉक कर दिए जाएंगे. उनसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है.

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Rules Change: देश में अब कोई भी साइबर क्रिमिनल या फ्रॉड किसी भी मोबाइल यूजर को फर्जी मैसेज भेजकर या रिकॉर्डेड कॉल करके चूना नहीं लगा पाएगा. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अब ग्राहकों को भेजने वाले विशेष प्रकार के मैसेज पर रोक लगा दें. इसके साथ ही, ट्राई ने यह भी कहा कि टेलीकॉम कंपनियां ऐसे मैसेजेज नहीं भेजेंगी, जिनमें कोई एपीके फाइल, किसी प्रकार का यूआरएल, ओटीटी लिंक या ब्लैकलिस्टेड कॉल बैक नंबर दिया गया हो. दूरसंचार विनियामक 1 सितंबर 2024 से नियमों में बदलाव करने जा रहा है.

ट्राई ने ठगी और फर्जी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया कदम

ट्राई की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि उसकी तरफ से उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्लीन मैसेजिंग को बढ़ावा देना है. उसने कहा है कि इससे यूजर्स के हितों की रक्षा होने के साथ फर्जी गतिविधियों पर रोक लगेगी. इसके साथ ही, साइबर क्रिमिनल और ठग अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएंगे. इतना ही नहीं, ट्राई ने टेलीमार्केटिंग कॉल को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. ट्राई के नए निर्देश के तहत 30 सितंबर 2024 से ऐसी सारी कॉल्स उन नंबर्स से आएंगी, जिनकी शुरुआत 30 140 से होगी.

ट्राई किसी को कोई कॉल नहीं करता

इसके अलावा, दूरसंचार नियामक ट्राई ने लोगों को आगाह किया है कि वे ट्राई के नाम पर की जा रहीं फर्जी कॉल के चंगुल में न फंसें. इन कॉल्स में दूरसंचार ग्राहकों को मोबाइल नंबर का कनेक्शन काटने की धमकी देकर कुछ निजी सूचनाएं देने के लिए कहा जाता है. ट्राई ने यह स्पष्ट किया कि वह मैसेज भेजकर या किसी अन्य तरीके से मोबाइल नंबर का कनेक्शन काटने के बारे में ग्राहकों के साथ संपर्क नहीं करता. उसने ऐसा करने के लिए किसी थर्ड पार्टी की एजेंसी को भी अधिकृत नहीं किया है.

ट्राई के नाम पर कॉल, मैसेज या नोटिस के जरिए दी जा रही धमकी

ट्राई की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि किसी भी तरह के कॉल, मैसेज या नोटिस जो ट्राई से होने का दावा करता है और मोबाइल नंबर काटने की धमकी देता है, उसे धोखाधड़ी का प्रयास माना जाना चाहिए और इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए. उसने कहा कि बिल भुगतान में गड़बड़ी, केवाईसी पूरा न होने या नंबर के दुरुपयोग की स्थिति में ही दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी किसी मोबाइल नंबर की सेवाएं बंद कर सकती है.

साइबर फ्रॉड के झांसे में न आएं आम लोग

इसके साथ ही, ट्राई ने देश के लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध धोखेबाजों के झांसे में न आने की सलाह दी है. ट्राई ने कहा कि ग्राहकों को संबंधित दूरसंचार कंपनी के अधिकृत कॉल सेंटर या ग्राहक सेवा केंद्रों से संपर्क कर ऐसी कॉल की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है. ट्राई के मुताबिक, उसके संज्ञान में लाया गया है कि नागरिकों को ट्राई से होने का दावा करते हुए तमाम प्री-रिकॉर्डेड कॉल की जा रही हैं, जिनमें यूजर्स को धमकी दी जाती है कि उनके नंबर जल्द ही ब्लॉक कर दिए जाएंगे और उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है. साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिए लोगों को दूरसंचार विभाग के संचार साथी मंच पर चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की जानकारी दी जा सकती है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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