अब 5 साल का इंतजार जरूरी नहीं! जानें नए लेबर कोड में किसे मिलेगा 1 साल में ग्रेच्युटी

अब कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को 1 साल में मिलेगा पैसा (फोटो: Freepik)
New Labour Code: 2026 के नए लेबर कोड के तहत फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब महज 1 साल में ग्रेच्युटी मिलेगी. साथ ही, वेतन के नए स्ट्रक्चर (50% बेसिक नियम) के कारण सभी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि में 20-50% की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है.
New Labour Code: भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘ग्रेच्युटी’ अब सिर्फ एक रिटायरमेंट बेनिफिट नहीं रह गया है. 21 नवंबर 2025 से प्रभावी होने वाले नए लेबर कोड ने दशकों पुराने नियमों को बदल दिया है. अब आपकी नौकरी का ‘टाइप’ और आपके सैलरी का ‘स्ट्रक्चर’ यह तय करेगा कि आपकी जेब में कितना पैसा आएगा.
सबसे बड़ा बदलाव: 5 साल बनाम 1 साल
अब तक ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की निरंतर सेवा अनिवार्य थी, लेकिन अब नियमों को दो हिस्सों में बांट दिया गया है:
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (कॉन्ट्रैक्ट): अगर आप एक फिक्स्ट टर्म कान्ट्रैक्ट पर हैं, तो अब आप मात्र 1 वर्ष की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी के हकदार होंगे. यह ‘प्रो-राटा’ (In proportion to the duration of work) आधार पर दी जाएगी.
- परमानेंट कर्मचारी: आपके लिए 5 साल का पुराना नियम अभी भी लागू है. यानी इस्तीफे या रिटायरमेंट पर लाभ पाने के लिए 5 साल पूरे करना जरूरी है.
आपकी ग्रेच्युटी क्यों बढ़ जाएगी?
नए नियमों के अनुसार, आपकी कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% हिस्सा ‘वेजेस’ (Basic + DA) होना अनिवार्य है.
पुराना तरीका: कंपनियां ‘बेसिक पे’ कम रखती थीं ताकि ग्रेच्युटी लायबिलिटी कम हो.
नया तरीका: यदि अलाउंस 50% से अधिक होते हैं, तो अतिरिक्त राशि को बेसिक में जोड़ दिया जाएगा. इससे आपका कैलकुलेशन बेस बढ़ेगा, जिससे ग्रेच्युटी में 20% से 50% तक का इजाफा हो सकता है.
कैलकुलेशन का फॉर्मूला
फार्मूला वही रहेगा, लेकिन ‘सैलरी’ की स्ट्रक्चर बदलने से अंतिम राशि बढ़ जाएगी

ग्रेच्युटी: पुराने बनाम नए नियम (FY 2026-27)
| विशेषता | पुराना नियम | नया नियम (2026) |
| कॉन्ट्रैक्ट वर्कर | 5 साल अनिवार्य | सिर्फ 1 साल |
| परमानेंट वर्कर | 5 साल अनिवार्य | 5 साल अनिवार्य |
| वेतन | बेसिक + डीए (कम हिस्सा) | न्यूनतम 50% CTC (अनिवार्य) |
| भुगतान की समय सीमा | 30 दिन | 30 दिन (कानूनी अधिकार) |
| असर | कम ग्रेच्युटी पेआउट | 20-50% अधिक पेआउट |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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