अब डैमेज-कंट्रोल करने में जुटी मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले, अपने उत्पादों को स्वास्थ्यवर्धक बताने के लिए शुरू विज्ञापन अभियान
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 Jun 2021 5:31 PM
नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, हाल की रिपोर्टों ने नेस्ले के उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठाया गया है, क्योंकि एक वैश्विक आंतरिक कामकाजी दस्तावेज़ को संदर्भ से बाहर बताया गया था. पोर्टफोलियो विश्लेषण में केवल आधी वैश्विक बिक्री शामिल है, क्योंकि इस रिपोर्ट में कई प्रमुख श्रेणी के उत्पादों को शामिल नहीं किया गया था.
नई दिल्ली : मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले ने अपने उत्पादों को स्वास्थ्यवर्धक बताने के लिए विज्ञापन अभियान की शुरुआत की है. अभी पिछले हफ्ते यूके के फाइनेंशियल टाइम्स ने इसके उत्पादों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक संबंधी रिपोर्ट आने के बाद कंपनी ने अपने उत्पादों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा शुरू दिया है. इसके लिए कंपनी ने अखबारों में विज्ञापन के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश शुरू कर दी है, जिसमें उसने उपभोक्ताओं से अपने उत्पादों के बारे में सीधे तौर सुझाव मांगे हैं.
मनी कंट्रोल की एक खबर के अनुसार, रविवार और सोमवार को अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन में उपभोक्ताओं को नेस्ले के 100 वर्षों तक उनके जीवन का हिस्सा होने की बात कही गई है और उन्हें उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में भरोसा देते हुए कहा गया है कि आप हर नेस्ले उत्पाद पर हमेशा की तरह अपना भरोसा रख सकते हैं, क्योंकि यह 100 वर्षों से अधिक के भरोसे के साथ गुणवत्ता के आश्वासन के साथ बनाया गया है.
नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, हाल की रिपोर्टों ने नेस्ले के उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठाया गया है, क्योंकि एक वैश्विक आंतरिक कामकाजी दस्तावेज़ को संदर्भ से बाहर बताया गया था. पोर्टफोलियो विश्लेषण में केवल आधी वैश्विक बिक्री शामिल है, क्योंकि इस रिपोर्ट में कई प्रमुख श्रेणी के उत्पादों को शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि सही मायने में, समग्र रूप से वैश्विक पोर्टफोलियो को देखते हुए 30 फीसदी से कम बाहरी ‘स्वास्थ्य संबंधी’ मानकों को पूरा नहीं करेंगे, जो ज्यादातर उत्पादों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ये स्वस्थ, संतुलित और आनंददायक आहार के हिस्से के रूप में मॉडरेशन में स्वीकार्य हैं.
प्रवक्ता ने आगे कहा कि हम अगले कुछ दिनों में प्रिंट के लिए विज्ञापन जारी करेंगे और उपभोक्ताओं को इस बात का भरोसा दिलाएंगे कि हम वास्तव में उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं कि उनके लिए क्या मायने रखता है, उन्हें क्या चिंता है और हम उनके लिए चौबीसों घंटें उपलब्ध हैं. उपभोक्ताओं के सवाल या सुझाव का हमेशा स्वागत किया जाएगा.
बता दें कि नेस्ले इंडिया पहले एक विवाद में फंस गई थी, जब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से भारत में उसके सबसे लोकप्रिय ब्रांडों में से एक मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटामेट या एमएसजी के अंश पाए गए थे. इस विवाद की वजह से वर्ष 2015 के दौरान देश में उके उत्पाद पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिससे उसे बिक्री में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था. हालांकि, नेस्ले ने पांच महीने की कानूनी लड़ाई के बाद उत्पाद को दोबारा लॉन्च किया. अभी हाल ही में जब उसके उत्पादों की स्वास्थ्य गुणवत्ता को लेकर सवाल पैदा किए गए हैं, तो मैगी वाली घटना दोबारा लोगों के जेहन में आ जाती है.
Posted by : Vishwat Sen
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