इंफोसिस CEO नारायण मूर्ति को तगड़ा झटका, मिनटों में 19 हजार करोड़ का नुकसान हुआ

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Narayana Murthy

Narayana Murthy: कंपनी के शेयर 5.89% गिरकर 1,812.70 रुपये के स्तर पर पहुंच गए. यह गिरावट उस समय आई जब इंफोसिस के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन आईटी शेयरों की बढ़त में पिछले छह महीनों की तुलना में गिरावट देखी गई.

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Narayana Murthy: गुरुवार को इंफोसिस के शेयरों में 6% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे परिवार की संपत्ति में 1,850 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई. बीएसई ( BSE )पर कंपनी के शेयर 5.89% गिरकर 1,812.70 रुपये के स्तर पर पहुंच गए. यह गिरावट उस समय आई जब इंफोसिस के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन आईटी शेयरों की बढ़त में पिछले छह महीनों की तुलना में गिरावट देखी गई.

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इंफोसिस के सह-संस्थापक और प्रमोटर एनआर नारायण मूर्ति के पास सितंबर 2024 तिमाही के अंत तक कंपनी में 0.40% हिस्सेदारी थी. उनकी पत्नी सुधा मूर्ति के पास 0.92%, बेटे रोहन मूर्ति के पास 1.62%, और बेटी अक्षता मूर्ति (जो ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं) के पास 1.04% हिस्सेदारी थी. इसके अलावा उनके पोते एकाग्र रोहन मूर्ति के पास भी 0.04% हिस्सेदारी है. कुल मिलाकर, मूर्ति परिवार के पांच सदस्यों के पास इंफोसिस में 4.02% हिस्सेदारी थी, जिसकी कुल मूल्य 30,300 करोड़ रुपये आंकी गई थी.

तिमाही नतीजों पर विशेषज्ञों की राय

जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तिमाही परिणाम राजस्व के मामले में अनुमान से बेहतर थे. कंपनी का राजस्व तिमाही-दर-तिमाही 1.7% बढ़ा, जिसमें पास-थ्रू राजस्व और इन-ऑर्गेनिक योगदान का मुख्य योगदान रहा. हालांकि, मुख्य व्यवसाय में स्थिरता बनी रही.

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बड़ी डील्स की अनुपस्थिति और भविष्य की चुनौतियां

तीसरी तिमाही में बड़ी डील्स के अभाव ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ाई है. कई ब्रोकरेज फर्मों ने इंफोसिस के स्टॉक को “होल्ड” की श्रेणी में रखा है और इसे “खरीदें” में अपग्रेड करने से परहेज किया है. चौथी तिमाही के लिए मौसमी और कार्यदिवसों में कमी के कारण राजस्व में गिरावट की संभावना जताई गई है.

प्रबंधन का दृष्टिकोण

इंफोसिस प्रबंधन का कहना है कि ग्राहक वर्तमान में विवेकाधीन खर्चों की तुलना में लागत-टेकआउट सौदों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. साथ ही, बीएफएसआई और रिटेल सेक्टर में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन निकट भविष्य में विवेकाधीन खर्चों में वृद्धि की संभावना सीमित है.

निवेशकों के लिए संदेश

हालांकि इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2025 के लिए राजस्व मार्गदर्शन में सुधार किया है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बरकरार है. निवेशकों को सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की सलाह दी जाती है.

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