20 लाख कोरोना वॉरियर्स को 50 लाख का इंश्योरेंस देगी सरकार, डॉक्टर से लेकर मेडिकल स्टाफ शामिल

Updated at : 26 Mar 2020 3:51 PM (IST)
विज्ञापन
20 लाख कोरोना वॉरियर्स को 50 लाख का इंश्योरेंस देगी सरकार, डॉक्टर से लेकर मेडिकल स्टाफ शामिल

कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए संपूर्ण लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार ने उठाया कदम

विज्ञापन

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए संपूर्ण लॉकडाउन करने के बाद केंद्र सरकार ने प्रभावित देश की जनता को सहूलियत प्रदान करने के लिए गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज और उनकी देखभाल में जुटे देश के करीब 20 लाख चिकित्साकर्मियों को 50 लाख रुपये के बीमा कवर दिया जाएगा.

गरीब कल्याण योजना का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो लोग कोरोना की लड़ाई में साथ दे रहे हैं, उनके लिए सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा. इनमें डॉक्टर, आशा वर्कर्स या सहिया बहन, नर्स और अन्य मेडिकल स्टॉफ शामिल हैं. इससे 20 लाख मेडिकल कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है. यह रकम जरूरतमंदों की सहायता के लिए दी जा रही है. वित्त मंत्री ने राहत पैकेज में सभी श्रेणी के लोगों की सहायता को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए जुटे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के बीमा कवर का ऐलान भी किया है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola