आ गया रुपया छापने वाला आईपीओ, आनंद राठी ने भी दी है शेयरों में पैसा लगाने की सलाह

मोबिक्वक के संस्थापक बिपिन प्रीत सिंह और उपासना राठी.
Mobikwik IPO: वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड की स्थापना बिपिन प्रीत सिंह और उपासना टाकू ने की थी. उन्हें अपने पिछले संगठनों में स्केलेबल तकनीक और वित्तीय उत्पाद बनाने का पूर्व अनुभव है. कंपनी का उद्देश्य भारत में वंचित आबादी के लिए वित्तीय समावेशन को सुविधाजनक बनाने के लिए प्राथमिक कारक के रूप में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है.
Mobikwik IPO: मोबिक्विक का आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) 11 दिसंबर 2024 बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है और 13 दिसंबर को बंद होगा. इस बार कंपनी ने अपने इश्यू साइज को घटाकर 572 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पहले 1,900 करोड़ रुपये था. इसके तहत कीमत का बैंड 265-279 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इस इश्यू का उद्देश्य कंपनी के भुगतान और वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ अनुसंधान और विकास में निवेश करना है. सबसे बड़ी बात यह है कि ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ग्रुप ने मोबिक्विक के आईपीओ में पैसा निवेश करने की सलाह दी है.
मोबिक्विक की क्या है योजना
सेबी में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड अपनी प्रमुख भुगतान सेवाओं के लिए 150 करोड़ रुपये और वित्तीय सेवाओं के लिए 135 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करेगी. इसके अलावा, 107 करोड़ रुपये डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और उत्पाद प्रौद्योगिकी के विकास में लगाए जाएंगे. कंपनी की योजना अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने और इसे बढ़ाने की है, जो हाल ही में वित्त वर्ष 2024-25 में 14.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज करने के साथ शुरू हुई.
पीपीआई क्षेत्र में मोबिक्विक की 23.1% बाजार हिस्सेदारी
मोबिक्विक भारत में प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) क्षेत्र में 23.1% का बाजार हिस्सेदारी रखती है. इसके पास 155.85 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में कोई नई इक्विटी पूंजी नहीं जुटाई है, लेकिन कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज का इस्तेमाल किया है.
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बिपिन प्रीत सिंह ने की थी मोबिक्विक की स्थापना
वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड की स्थापना बिपिन प्रीत सिंह और उपासना टाकू ने की थी. उन्हें अपने पिछले संगठनों में स्केलेबल तकनीक और वित्तीय उत्पाद बनाने का पूर्व अनुभव है. कंपनी का उद्देश्य भारत में वंचित आबादी के लिए वित्तीय समावेशन को सुविधाजनक बनाने के लिए प्राथमिक कारक के रूप में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है. कंपनी ने 30 जून, 2024 तक 161.03 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स प्राप्त किए हैं और 4.26 मिलियन व्यापारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान करने और स्वीकार करने में सक्षम बनाया है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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