महाराष्ट्र में 92 लाख महिलाओं को झटका! ‘लाडकी बहीण’ योजना से नाम हटे, अब नहीं मिल रहा पैसा

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोटो- सोशल मीडिया

महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. ई-केवाईसी पूरा न करना, आय सीमा पार करना, और फर्जी आवेदनों के कारण यह कार्रवाई की गई है. अब केवल पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा.

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महाराष्ट्र की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. जांच और सत्यापन के बाद 92 लाख से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं. इसके चलते इन महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो गई है. सरकार और CAG की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती करीब 2.4 करोड़ लाभार्थियों की संख्या अब घटकर लगभग 1.7 करोड़ रह गई है.

e-KYC पूरा नहीं करना पड़ा भारी

लाभार्थियों के नाम हटने की सबसे बड़ी वजह e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं करना बताई गई है. करीब 50 से 55 लाख महिलाएं तय समय सीमा के भीतर e-KYC पूरा नहीं कर पाईं. इसके बाद उनका लाभ रोक दिया गया और नाम लाभार्थी सूची से बाहर कर दिए गए.

सत्यापन में करीब 12 लाख महिलाएं ऐसी मिलीं, जिनके परिवार की सालाना आय योजना में तय 2.5 लाख रुपये की सीमा से अधिक थी. नियमों के मुताबिक पात्रता नहीं होने के कारण इन महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया.

उम्र और दूसरी योजनाएं भी बनीं वजह

करीब 4.5 लाख से अधिक महिलाएं 65 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पार कर चुकी थीं. वहीं करीब 5 लाख महिलाओं के नाम इसलिए हटाए गए क्योंकि वे पहले से ‘नमो शेतकरी योजना’ या अन्य सरकारी आर्थिक योजनाओं का लाभ ले रही थीं.

फर्जी आवेदन भी सामने आए

सत्यापन के दौरान गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज और वाहन मालिक होने जैसे मामलों का भी पता चला. करीब 14 हजार पुरुषों द्वारा महिला के नाम पर कथित तौर पर गलत तरीके से योजना का लाभ लेने के मामले भी सामने आए. ऐसे नामों को भी सूची से हटा दिया गया है.

अब सिर्फ पात्र महिलाओं को मिलेगा लाभ

सरकार की कार्रवाई का उद्देश्य योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचाना बताया जा रहा है. लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपना e-KYC और पात्रता संबंधी जानकारी जांच लें, ताकि किसी गलती की वजह से उनका लाभ न रुके.

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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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