सावधान! सड़क के किनारे दीवार पर करेंगे 'पेशाब' तो खुद ही हो जाएंगे गीले, जानें क्या है तरकीब?
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 21 Jan 2023 2:30 PM
सार्वजनिक स्थान में पेशाब करना कोई बहुत अच्छी बात नहीं है. हम बहुत परेशान हैं. सुबह जब हम अपने घर से बाहर निकलते हैं, तो सिर्फ पेशाब की बदबू आती है. उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ, सुरक्षित वातावरण में रहने के हकदार हैं.
नई दिल्ली/लंदन : सड़क के किनारे दीवार पर पेशाब करने वालों से भारत ही नहीं, पूरी दुनिया परेशान है. इसे रोकने के लिए कई तरीके आजमाए गए, दीवार पर चेतावनियां और गालियां तक लिखी गईं, जुर्माने का प्रावधान किया गया, लेकिन इन सबका कोई फायदा दिखाई नहीं दिया. दीवारों पर लोग अब भी बेधड़क पेशाब करने से बाज नहीं आ रहे हैं. लेकिन, अब दीवारों पर पेशाब करने वालों को सावधान हो जाना चाहिए. लोगों की इस बुरी हरकत पर लगाम कसने के लिए लंदन प्रशासन ने एक अनोखा तरीका ढूंढ़ निकाला है. इस तरीके के अपनाने के बाद जो कोई भी दीवार पर पेशाब करेगा, वह खुद ही गीला हो जाएगा. यानी उसके शरीर से निकलने वाला अवशिष्ट जल उलटकर उसी पर पड़ेगा. आइए, जानते हैं कि आखिर वह कौन सा तरीका है, जिसे अपनाने के बाद दीवार पर पेशाब करने वाले खुद ही गीला हो जाते हैं.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों की बुरी हरकतों पर लगाम करने के लिए लंदन प्रशासन की ओर से जो तरकीब निकाली गई है, उसमें घर की बाहरी दीवारों पर एक खास प्रकार के पेंट का इस्तेमाल करना होता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके लिए लंदन की दीवारों पर अब एक खास एंटी-पी पेंट (पेशाब-रोधी पेंट) लगाया जाएगा. यह ऐसा पेंट है, जिस पर पानी रुकता नहीं है, बल्कि यह वापस उसी तरफ आता है, जिस तरफ से आया था. यानी अगर कोई एंटी-पी पेंट लगी दीवार पर पेशाब करने की कोशिश करेगा, तो पेशाब दीवार पर टकराकर वापस उसी पर गिर जाएगी. इससे दीवार पर पेशाब करने वाले लोगों की पतलून और जूते भींग जाने का खतरा रहेगा.
मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंदन के लोग नाइटलाइफ जीने के आदि होते हैं. देर रात तक घूमने और पार्टियां करने के बाद दूसरों के घरों की दीवारों पर पेशाब करने में भी उन्हें खासा मजा आता है. लोगों की इस गंदी हरकत से लंदन के लोगों में काफी गुस्सा है. यहां की स्थानीय आइचा लेस ने कहा कि सार्वजनिक स्थान में पेशाब करना कोई बहुत अच्छी बात नहीं है. हम बहुत परेशान हैं. सुबह जब हम अपने घर से बाहर निकलते हैं, तो सिर्फ पेशाब की बदबू आती है. उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ, सुरक्षित वातावरण में रहने के हकदार हैं. एंटी-पी पेंट के रूप में लोगों को अब इस समस्या से निजात मिलने की संभावना दिख रही है. लंदन के सोहो इलाके में इन दिनों घरों की दीवारों पर एंटी पी पेंट लगाते हुए लोगों को देखा जा सकता है. ये खास पेंट बार, रेस्टूरेंट, थियेटर और अन्य मनोरंजन स्थलों के साथ-साथ अपार्टमेंट और घरों की दीवारों पर लगाया जा रहा है.
मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो दीवार पर पेशाब करने वालों की बुरी हरकतों से छुटकारा पाने के लिए अइस एंटी पी-पेंट को दीवार पर साल में कम-से-एक बार पेंट करना जरूरी होगा. पेंट का निर्माण करने वाली टीम ने बताया कि फुटपाथ और दीवारों से पेशाब साफ करने में जो खर्चा आता है, उसके मुकाबले ये पेंट काफी सस्ता पड़ता है. इससे घर की बाहरी दीवारों को पेंट करने के बाद लोगों के पैंट खुद ही गीले हो जाएंगे.
Also Read: ऐसे स्वच्छता अभियान का क्या, जब सड़क पर हो नाली का पानी
एंटी-पी पेंट एक सुपरहाइड्रोफोबिक लिक्विड है. देखने में ये पारदर्शी होता है. इस पेंट को इस तरह से बनाया गया है कि इस पर पानी की एक बूंद गिरते ही वह बाउंस बैक हो जाती है. ऐसे में इस पेंट को लगाने के बाद कोई भी दीवार पर पेशाब करने से पहले कई बार सोचेगा. लंदन में पेंट लगाने के साथ-साथ दीवारों पर क्यूआर कोड भी लगाया जायेगा. ताकि पता चल सके कि आसपास कहां पब्लिक टॉयलेट हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










