Ladki Bahin Yojana: 39वीं किस्त के 1500 रुपये से वंचित रह जाएंगी ये महिलाएं, जानें क्या है कारण

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लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलने पर खुश होतीं महिलाएं, फोटो AI

Ladki Bahin Yojana 39 Kist: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना चला रही है. जिसके तहत सरकार महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 1500 रुपये राशि ट्रांसफर करती है. इस योजना के तहत अब तक सरकार 38 किस्तों में पैसे दे चुकी है. राज्य की महिलाओं को अब 39वीं किस्त का इंतजार है.

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Ladki Bahin Yojana 39 Kist: लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के भुगतान को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि ऐसी उम्मीद की जा रही है कि रक्षाबंधन के पहले सरकार महिलाओं को 1500 रुपये की सौगात जरूर देगी. राज्य की बहुत सारी महिलाएं हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा. तो हम आपको यहां बताने वाले हैं कि किन-किन महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा और 39वीं किस्त का भी पैसा नहीं मिलेगा.

किन महिलाओं को किस्त का पैसा नहीं मिलेगा?

  • समग्र e-KYC न होना: जिन महिलाओं का समग्र पोर्टल पर आधार e-KYC अधूरा है.
  • DBT (Direct Benefit Transfer) निष्क्रिय होना: बैंक खाता आधार से लिंक न होने या बैंक खाते में DBT एक्टिवेट न होने के कारण पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता.
  • खाता निष्क्रिय (Inoperative) या संयुक्त (Joint Account) होना: महिला का बैंक खाता बंद/फ्रीज हो या खाता किसी अन्य सदस्य के साथ संयुक्त हो (केवल महिला का व्यक्तिगत खाता ही मान्य है).
  • 60 वर्ष से अधिक आयु: जिन महिलाओं की आयु 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे इस योजना से बाहर होकर सामाजिक सुरक्षा (वृद्धावस्था) पेंशन श्रेणी में स्थानांतरित हो जाती हैं.
  • अविवाहित महिलाएं: यह योजना केवल विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं के लिए है.

किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा?

  • लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी नियम हैं. अगर आप उनके अंतर्गत आते हैं, तो योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं और 1500 रुपये का लाभ भी ले सकते हैं.
  • परिवार की सम्मिलित वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  • परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता (Taxpayer) नहीं होना चाहिए.
  • परिवार का कोई सदस्य केंद्र/राज्य सरकार का नियमित/स्थाई/संविदा कर्मचारी हो या पेंशन पा रहा हो (आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता व मानसेवी कर्मचारी अपवाद/पात्र हैं).
  • जिनके परिवार के पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है.
  • जिनके परिवार के नाम पर पंजीकृत चार पहिया वाहन (कार आदि) है (ट्रैक्टर को छूट दी गई है).
  • जिनके परिवार में कोई वर्तमान/पूर्व सांसद, विधायक या स्थानीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हों (पंच और उपसरपंच अपवाद हैं).


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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