जानें कब से आपको मिलने लगेगा सस्ता लहसुन, अभी आसमान छू रही है कीमत
बाजार में लहसुन की कीमत में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला है. कीमत 400 रुपये प्रति किलो ग्राम तक पहुंच चुका है. जानें कब कम होगी कीमत
Garlic Price Hike: रसोई का जायका एक चीज ने बिगाड़ दिया है. जी हां…हम बात कर रहे हैं लहसुन की, जिसकी कीमत आसमान छू रही है. इस मौसम में सस्ती मौसमी सब्जियों के भरमार के बावजूद लोगों को स्वाद पूरा नहीं आ रहा है, क्योंकि लहसुन इतना महंगा हो चुका है कि लोग इसे खरीदने से बच रहे हैं, या फिर लहसुन की मात्रा सब्जी में कम कर रहे हैं. कुछ दिन पहले तक झारखंड की राजधानी रांची में 100 से 150 रुपये किलो तक बिकने वाला लहसुन वर्तमान में चार सौ रुपये को पार कर गया है. लोग अब इसकी कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं.
क्यों बढ़ी लहसुन की कीमत?
इन दिनों लहसुन की कीमत में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला है. कीमत 400 रुपये प्रति किलो ग्राम तक पहुंच चुका है. लहसुन के दाम बढ़ने के पीछे जो मुख्य वजह बताई जा रही है, वह यह है कि लहसुन की फसल खराब हुई है जिसका असर इसकी कीमत पर पड़ा है. कई राज्यों में खराब मौसम की वजह से लहसुन की फसलें खराब हुई. फसल खराब होने के चलते दूसरी फसल की रोपाई में समय लगा. इस वजह से लहसुन की नई फसल आने में देरी हो रही है और इसकी कीमत अभी आसमान छू रही है.
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दाम कम होने का अब इंतजार
देश में मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है जहां लहसुन की सबसे ज्यादा खेती होती है. लेकिन मौसम की मार की वजह से फसल खराब हुई. इस वजह से नई फसल आने में देरी हो रही है. जबतक बाजार में लहसुन की नहीं फसल नहीं आ जाती है, कीमत कम होती नजर नहीं आएगी. मंडी व्यापारियों के अनुसार खरीफ लहसुन के आने के बाद कीमत काफी कम हो जाएगी. फरवरी के महीने में लहसुन की कीमतों के कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है. नई फसल अब कुछ बाजार में दिख भी रही है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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