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Jharkhand Assembly Election: चुनाव में लिस्ट तो आते रहेंगे लेकिन, क्या आपको पता है प्रत्याशी कितने खर्च कर सकते हैं?

Updated at : 19 Oct 2024 9:58 PM (IST)
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Jharkhand Election 2024

Jharkhand Election 2024

Jharkhand Assembly Election: चुनावों में प्रत्याशियों की सूची आती रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी कितना खर्च कर सकते हैं? चुनाव आयोग ने खर्च की सीमा निर्धारित की है, जो प्रत्याशी को प्रचार के दौरान ध्यान में रखनी होती है.इसमें प्रचार सामग्री, रैलियों, वाहन और अन्य चुनावी गतिविधियों का खर्च शामिल होता है. इस सीमा का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए, प्रत्याशियों को नियमों का पालन करते हुए चुनाव प्रचार करना होगा.

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Jharkhand Assembly Election: चुनावों में प्रत्याशियों की सूची आती रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी कितना खर्च कर सकते हैं? चुनाव आयोग ने खर्च की सीमा निर्धारित की है, जो प्रत्याशी को प्रचार के दौरान ध्यान में रखनी होती है.इसमें प्रचार सामग्री, रैलियों, वाहन और अन्य चुनावी गतिविधियों का खर्च शामिल होता है. इस सीमा का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए, प्रत्याशियों को नियमों का पालन करते हुए चुनाव प्रचार करना होगा.

आयोग द्वारा व्यय निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाए गए कुछ नए कदम निम्नलिखित हैं

नकदी की जब्ती और रिहाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)

चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग ने फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक निगरानी टीमों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है, ताकि अत्यधिक प्रचार खर्चों, रिश्वत के रूप में नकद या वस्तुओं के वितरण, अवैध हथियार, गोला-बारूद, शराब या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके. इसके अतिरिक्त, जनता की असुविधा को दूर करने और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में एक जिला शिकायत समिति का गठन किया जाएगा. यह समिति जब्त नकदी की समीक्षा करेगी और यदि जब्ती किसी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है तो नकदी को वापस करने का आदेश देगी. किसी भी मामले में, जब्त नकदी या अन्य वस्तुओं को मलकाना या कोषागार में मतदान की तारीख के सात दिनों के बाद तक नहीं रखा जाएगा.

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प्रचार वाहनों पर होने वाले व्यय का लेखा-जोखा

चुनाव आयोग ने पाया कि उम्मीदवार प्रचार के लिए वाहन उपयोग की अनुमति तो लेते हैं, लेकिन उन वाहनों के किराए या ईंधन खर्च को अपने चुनावी खर्चे में नहीं दिखाते.इसलिए, यदि उम्मीदवार वाहन का उपयोग बंद नहीं करते हैं, तो उस पर अनुमानित व्यय को भी उनके चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा

खाता सामंजस्य बैठक

चुनाव परिणाम घोषित होने के 26वें दिन उम्मीदवारों के व्यय खाते के विवादों को कम करने के लिए सामंजस्य बैठक बुलाई जाएगी

आपराधिक मामलों के प्रचार पर होने वाले खर्च का लेखा-जोखा

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, उम्मीदवारों और राजनीतिक पार्टियों को उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों के बारे में नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद तीन बार मीडिया में जानकारी देनी होगी, जिसका खर्च उनके चुनावी व्यय में जोड़ा जाएगा. यह व्यय 30 दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारियों को जमा करना होगा.

उम्मीदवार के बूथ और टीवी/केबल चैनल पर खर्च का लेखा-जोखा

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान केंद्र के बाहर उम्मीदवार द्वारा लगाए गए बूथ को उनके व्यक्तिगत प्रचार का हिस्सा माना जाएगा, और इसके खर्च को उनके चुनावी खाते में शामिल किया जाएगा. यदि उम्मीदवार या उनकी पार्टी अपने चैनल या अखबार का उपयोग प्रचार के लिए करते हैं, तो इसका खर्च भी उनके खाते में जोड़ा जाएगा.

वर्चुअल प्रचार पर व्यय का लेखा-जोखा

उम्मीदवारों को अपने वर्चुअल प्रचार पर किए गए खर्च का भी लेखा-जोखा रखना होगा और इसे अपने चुनावी व्यय खाते में शामिल करना होगा

राजनीतिक दलों द्वारा आंशिक और पूर्ण चुनावी व्यय विवरण प्रस्तुत करना

राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अपने चुनावी व्यय का विवरण चुनाव आयोग को जमा करना होगा. इसके अलावा, राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा

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 एकीकृत व्यय निगरानी सॉफ्टवेयर (IEMS)

आयोग ने एक नया पोर्टल (https://iems.eci.gov.in) लॉन्च किया है, जिससे राजनीतिक दल ऑनलाइन अपने योगदान रिपोर्ट, चुनाव व्यय विवरण और वार्षिक लेखा विवरण जमा कर सकते हैं.

चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS)

जब्त की गई वस्तुओं (नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातुएं, मुफ्त उपहार आदि) की जानकारी को डिजिटाइज करने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है

उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की सीमा

सरकार ने 6 जनवरी 2022 को एक अधिसूचना के माध्यम से उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की सीमा संशोधित की है, जिसमें विधानसभा चुनाव में प्रति उम्मीदवार खर्च की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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